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बिजली बिल गलत आया तो फोन पर करें शिकायत:पंजाब में दो स्पेशल हेल्पलाइन शुरू, 15 दिन में समाधान का दावा




पंजाब में गलत या अत्यधिक बिजली बिल आने से परेशान लोगों की दिक्कत अब तुरंत दूर होगी। पंजाब सरकार ने उपभोक्ताओं की समस्या के समाधान के लिए दो स्पेशल हेल्पलाइन नंबर शुरू किए हैं। इन नंबरों पर शिकायत दर्ज कराने के बाद 15 दिनों के भीतर उसका निपटारा हो जाएगा। बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंध ने कहा कि सरकार का उद्देश्य लोगों की बिजली संबंधी दिक्कतों को दूर करना और उन्हें सरकारी सुविधाओं का लाभ आसानी से उपलब्ध करवाना है। बिजली से जुड़ी शिकायत के लिए उपभोक्ता 1613105055 या 1616650355 पर कॉल कर सकते हैं। हेल्पलाइन के संचालन के लिए 20 कर्मचारियों का स्टाफ तैनात किया गया है। यहां उपभोक्ताओं की शिकायतें सुनी जाएंगी और उनका समाधान किया जाएगा। इसके अलावा पीएसपीसीएल कंज्यूमर सर्विस ऐप के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। 63 हजार से अधिक को आए अधिक बिल सरकार के मुताबिक ज्यादा बिल और 300 यूनिट मुफ्त बिजली की सब्सिडी नहीं मिलने वाले लाेगों की संख्या 63,702 हैं। इन उपभोक्ताओं की पहचान हो चुकी है। जिन्हें सब्सिडी का लाभ नहीं मिल पाया था।बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंध ने बताया कि मीटर रीडर्स की हड़ताल के दौरान इन उपभोक्ताओं को औसत खपत के आधार पर बिल भेजे गए थे। इस वजह से मई और जून की 300 यूनिट तक की मुफ्त बिजली की सब्सिडी बिल में नहीं जुड़ पाई। अब इन सभी उपभोक्ताओं के बिल नए सिरे से तैयार किए जाएंगे। सरकार अगले तीन वर्किंग डे में नए बिल जारी करेगी और मई-जून की सब्सिडी का लाभ देगी। वहीं, जिन उपभोक्ताओं ने पहले ही बिल जमा कर दिया है, उनका एडजस्टमेंट अगले बिल में किया जाएगा। ज्यादा बिल आने की शिकायतों के लिए सरकार विशेष हेल्पलाइन भी शुरू करेगी, जहां 20 कर्मचारियों की टीम शिकायतों का समाधान करेगी।
पहले इस फार्मूले पर भेजे गए थे बिल इसी कड़ी में जब पिछले साल के औसत बिल उठाए गए और तीन महीने का बिल जनरेट हुआ तो उदाहरण के लिए मई महीने में किसी की खपत 250 यूनिट हुई। यह 300 फ्री यूनिट से कम थी, इसलिए बिल जीरो आना चाहिए था। जून में भी 250 यूनिट हुई, जो 300 से कम है। ऐसे में सब्सिडी मिलनी चाहिए थी, लेकिन नहीं हुआ। वहीं, मान लो जुलाई में किसी ने 450 यूनिट खर्च किए, क्योंकि गर्मी का सीजन था। अब हुआ यह कि मानो तीनों यूनिट को मिला दिया जाए तो 950 यूनिट हो गईं। होना तो यह चाहिए था कि मई और जून की सब्सिडी मिलनी चाहिए थी और जून में बिल आना चाहिए था। लेकिन सारी यूनिट को इकट्ठा कर तीन से भाग कर दिया गया।



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