जालंधर10 मिनट पहले
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जालंधर में पहुंचे सांसद चरनजीत चन्नी ने आप सरकार पर निशाना साधा।
जालंधर से कांग्रेस सांसद और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने प्रैस कॉन्फ्रेंस की। चन्नी ने कहा कि राहुल गांधी पर FIR और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रामलीला मैदान रैली के बाद मंच का शुद्धिकरण मनुवादी सोच को दर्शाता है। बीजेपी
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- अस्पताल में ऑक्सीजन बंद होने से हो रही मौतें-जलंधर के अस्पताल में कथित तौर पर ऑक्सीजन सप्लाई बंद होने से तीन मरीजों की मौत हो गई। सरकार ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और पोस्टमार्टम कराने के बजाय इसे सीधे हार्ट अटैक बताकर रिपोर्ट दबा दी। स्वास्थ्य क्रांति के दावों के बीच इस लापरवाही पर अब तक किसी भी जिम्मेदार पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है।
- केंद्रीय फंड का बिजली बिल में दुरुपयोग किया जा रहा- पंजाब की पूर्व कांग्रेस सरकार ने गांवों की पानी की टंकियों और मोटरों के पुराने बिजली बिल माफ कर दिए थे। मौजूदा ‘आप’ सरकार ने 15वें वित्त आयोग से मिला ₹542 करोड़ का केंद्रीय फंड बिजली बोर्ड को दे दिया। यह पैसा गांवों के जल निकासी और विकास पर खर्च होना था, जिसे सरकार ने अवैध रूप से इस्तेमाल कर लिया।
- आयुष्मान योजना के पैसों में हो रहा फर्जीवाड़ा -केंद्र सरकार की आयुष्मान स्वास्थ्य बीमा योजना का पैसा केवल सरकारी अस्पतालों में दिया जा रहा है, जबकि नियम अनुसार इसे प्राइवेट अस्पतालों को भी मिलना चाहिए। 16,730 क्लेम में से 15,400 से ज्यादा क्लेम सरकारी अस्पतालों को दे दिए गए। बकाये का भुगतान न होने से प्राइवेट अस्पतालों ने बीमा योजना के तहत मरीजों का इलाज बंद कर दिया है।
- सरकारी स्कूलों में बच्चों को सुविधाएं नहीं मिल रहीं- गुजरात के लोगों को केजरीवाल के वादों और विज्ञापनों में नहीं आना चाहिए। पंजाब के सरकारी स्कूलों में बच्चों के पास बैठने के लिए बेंच, पीने का पानी, शौचालय, यूनिफॉर्म और यहां तक कि शिक्षक भी नहीं हैं। केंद्र से आने वाले फंड के बावजूद गरीब बच्चों को प्राथमिक सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं और कई स्कूल सिंगल टीचर के भरोसे चल रहे हैं।
- अफसरों पर दबाव और रिपोर्ट छिपाने का आरोप-मीटिंग में अधिकारी सही आंकड़े और रिपोर्ट देने से डरते दिखे। जब उन्हें सख्त चेतावनी दी गई, तब जाकर स्कूलों और शिक्षा विभाग का असली सच बाहर आया। अधिकारी अपनी कुर्सियों पर बैठकर गरीब बच्चों का हक मार रहे हैं। स्थिति यह है कि कई स्कूलों में शिक्षक और मिड-डे मील की स्थिति बेहद खराब बनी हुई है।
- कांग्रेस शासन के प्रोजेक्ट्स पर अपना नाम लिखवा रहे- कांग्रेस सरकार के दौरान खरड़ में 12 करोड़ की लागत से शानदार मॉडल स्कूल और दो एसी स्कूल बनाए गए थे। ‘आप’ सरकार ने साढ़े चार साल में इन स्कूलों का फर्नीचर तक नहीं खरीदा और बच्चों को हैंडओवर नहीं किया। अब सरकार सिर्फ नाम बदलकर ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ का बोर्ड लगाकर दूसरों के कामों का श्रेय लेने में लगी है।
