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DDU Fine Arts Students DSSSB Selection


दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के ललित कला विभाग के छात्रों ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस विभाग के 8 छात्रों का चयन दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड में एक ही साथ हुआ है। जिसमें पांच लड़कियां और 3 लड़के शामिल हैं।

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शनिवार की शाम 7 बजे मिली जानकारी के अनुसार फाइनल रिजल्ट 25 जून को जारी किया गया था। जिसमें डिपार्टमेंट की पीएचडी स्कॉलर निवेदिता यादव, प्रिंस कुमार कांडू, विनीता तिवारी, प्रीति भारती, शिवांगी पांडेय, डॉ. अमन कुमार रौनियार, विपुल कुमार नायक और तान्या का सिलेक्शन हुआ है।

विभाग के लिए गर्व की बात इस उपलब्धि खुशी जाहिर करते हुए विभाग के असिस्टेंस प्रोफेसर डॉ. गौरी शंकर चौहान ने कहा कि एक साथ विभाग के इतने बच्चों का सिलेक्शन गर्व की बात है। इससे पूरे विश्वविद्यालय का नाम रोशन हुआ है।

बेहतरीन शैक्षणिक माहौल का परिणाम वहीं कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने कहा कि यह सफलता विश्वविद्यालय बेहतरीन शैक्षणिक माहौल का परिणाम है। विभाग के प्रोफेसर्स के सहयोग से छात्रों को सही मार्गदर्शन मिला। जिससे वे एक मुकाम पर पहुंच सके हैं।

विपुल और प्रिंस

विपुल और प्रिंस

ज्यादातर छात्र पहले से नौकरी में इस सफलता को हासिल करने वाले जिनमें निवेदिता यादव, शिवांगी पांडेय और प्रिंस यादव पीएचडी स्कॉलर विपुल कुमार हैं। जबकि प्रीति भारती, अमित कुमार और तान्या BSPC टीचर हैं। वहीं विनीता तिवारी प्राइवेट कंपनी में ग्राफिक डिजाइनर के पद पर कार्यरत हैं। जबकि विपुल एक एस्पिरेंट हैं।

कैसे होता है सिलेक्शन

निवेदिता यादव ने बताया कि इस बोर्ड में सिलेक्शन पाने के लिए एक कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) होती है। इसमें अभ्यर्थी के विषय और सामान्य ज्ञान/योग्यता का परीक्षण किया जाता है। परीक्षा के बाद बोर्ड कट-ऑफ अंक जारी करता है। मेरिट में आने वाले उम्मीदवारों को अगले चरण के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाता है।

फिर ई-डोजियर (e-Dossier) प्रोसेस शुरू होता है। जिसमें शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को DSSSB Online पोर्टल पर अपने सभी एजुकेशनल और पर्सनल डॉक्यूमेंट पीडीएफ फॉर्मेट में अपलोड करने होते हैं।

ई-डोजियर की जांच के बाद, संबंधित विभाग (जैसे शिक्षा निदेशालय) अभ्यर्थी को शारीरिक रूप से डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए बुलाता है। जहां मूल प्रमाणपत्रों की जांच होती है।

डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के बाद मेडिकल फिटनेस टेस्ट होता है। सब कुछ सही पाए जाने पर संबंधित विभाग की ओर से ऑफर ऑफ अपॉइंटमेंट (Offer of Appointment) जारी किया जाता है।

जॉइनिंग लेटर मिलने के बाद सिलेक्टेड कैंडिडेट्स को स्कूल या विभाग आवंटित किया जाता है। जिसके बाद निर्धारित समय-सीमा के अंदर उस स्कूल/ऑफिस में जाकर अपनी जॉइनिंग रिपोर्ट (Joining Report) देनी होती है।



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