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चित्रकूट में दुष्कर्म के दो अलग-अलग मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट के अपर सत्र न्यायाधीश अनुराग कुरील की अदालत ने दोषियों को 10-10 साल की सश्रम जेल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने एक मामले में 30 हजार और दूसरे में 20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। पहले मामले में 30 अगस्त 2022 को पीड़िता के परिजनों ने मऊ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि आरोपी उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा ले गया था। पुलिस ने पीड़िता को ढूंढने के बाद उसके बयान दर्ज किए। अभियोजन पक्ष ने मजबूत पैरवी की बयान और जांच के आधार पर मुकदमे में दुष्कर्म की धारा 376 आईपीसी जोड़ी गई। पुलिस ने 15 सितंबर को आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था। मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी इंद्रेश कुमार उर्फ शेरू पुत्र सर्वेश को दोषी पाया। अदालत ने उसे 10 साल की सश्रम जेल और 30 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं, दूसरे मामले में भी अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दुष्कर्म के दोषी विनय सिंह पुत्र अर्जन सिंह को 10 साल की सश्रम जेल की सजा दी। कोर्ट ने उस पर 20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। अभियोजन पक्ष ने दोनों मामलों में मजबूत पैरवी की। कोर्ट के फैसले के बाद अभियोजन ने इसे पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में एक सही कदम बताया।
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चित्रकूट में दुष्कर्म के दो दोषियों को सजा:फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 10-10 साल की सश्रम जेल और 50 हजार का जुर्माना लगाया
