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जोबट नगर में राधा अष्टमी के मौके पर शनिवार सुबह से ही श्री कृष्ण मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के प्रति भक्तों की आस्था साफ नजर आई। मंदिर में राधा-कृष्ण का खास श्रृंगार किया गया। इसके साथ ही पूजा-अर्चना, आरती और भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्ति का माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर राधारानी और भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए। उन्होंने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने इस धार्मिक आयोजन में उत्साह से हिस्सा लिया। मंदिर में राधा-कृष्ण के जयकारे और भजन गूंजते रहे। इस दौरान भक्तों के लिए प्रसादी का इंतजाम भी किया गया था। भक्त जयंतीलाल राठौड़ ने बताया कि राधा अष्टमी को लेकर नगर के श्रद्धालुओं में काफी उत्साह था। सुबह से ही भक्त श्री कृष्ण मंदिर पहुंचने लगे थे। उन्होंने कहा कि राधारानी और भगवान कृष्ण के प्रति लोगों की गहरी आस्था है। इसी श्रद्धा के कारण हर साल राधा अष्टमी पर मंदिर में धार्मिक आयोजन होते हैं। मंदिर के पुजारी पंडित भाइयू महाराज ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, राधा अष्टमी भाद्रपद शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। भगवान श्रीकृष्ण की जन्माष्टमी भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी को होती है। इसके करीब 15 दिन बाद शुक्ल पक्ष की अष्टमी पर राधा अष्टमी का पर्व आता है। पंडित भाइयू महाराज ने यह भी बताया कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, राधारानी का जन्म वृषभानु और कीर्ति देवी के घर हुआ था। ब्रज परंपरा में बरसाना को राधारानी की जन्मभूमि माना जाता है। राधा-कृष्ण की भक्ति में राधारानी का खास महत्व है। इसी वजह से राधा अष्टमी पर मंदिरों में विशेष पूजा, आरती और धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि राधा अष्टमी प्रेम, भक्ति और समर्पण का पर्व है। इस दिन राधारानी की पूजा करने से भक्तों में आध्यात्मिक आस्था और भक्ति मजबूत होती है। जोबट के कृष्ण मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ राधा अष्टमी मनाई।
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जोबट के कृष्ण मंदिर में राधा अष्टमी पर उमड़ी भीड़:भजन-कीर्तन से गूंजा मंदिर, राधारानी की भक्ति में रंगे श्रद्धालु
