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गुरुग्राम में जलभराव पर राव इंद्रजीत की सीएम को चिट्‌ठी:सिंचाई विभाग के रिटायर अधिकारी को ठहराया जिम्मेदार, विजिलेंस जांच की मांग की




केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को चिट्ठी लिखकर गुरुग्राम में हुए भयंकर जलभराव की विजिलेंस जांच कराने की मांग की है। केंद्रीय मंत्री ने इस समस्या के लिए सिंचाई विभाग के रिटायर्ड अधिकारी शिव सिंह रावत को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है और उन पर भ्रष्टाचार व बिल्डरों से मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस शिकायत के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। रिटायर्ड अधिकारी शिव सिंह रावत पर गंभीर आरोप केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने मुख्यमंत्री को भेजी अपनी शिकायत में सिंचाई विभाग के पूर्व अधिकारी शिव सिंह रावत के कार्यकाल और उनकी कार्यशैली पर तीखे सवाल उठाए हैं। मंत्री ने आरोप लगाया कि गुरुग्राम में पिछले कई सालों से जलभराव की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है, जिसके पीछे विभाग की घोर लापरवाही और भ्रष्टाचार है। चिट्ठी में लगाए गए मुख्य आरोप निम्नलिखित हैं: 7 साल से बजट का दुरुपयोग: राव इंद्रजीत सिंह का दावा है कि पिछले 7 सालों के दौरान गुरुग्राम के बरसाती नालों (ड्रेनों) की सफाई पर कोई भी वास्तविक बजट खर्च नहीं किया गया। कागजों पर काम दिखाकर फंड का दुरुपयोग किया गया। बिल्डरों से मिलीभगत और दिखावे की कार्रवाई: जल निकासी के मुख्य रास्तों और ड्रेनों पर अवैध कब्जों को लेकर अधिकारी ने भारी लापरवाही बरती। बिल्डरों द्वारा किए गए अतिक्रमण पर कोई ठोस कानूनी कार्रवाई करने के बजाय, उन्हें सिर्फ औपचारिक नोटिस थमाकर छोड़ दिया गया। अतिक्रमण हटाने में नाकामी: बरसाती नालों और जल निकासी के प्राकृतिक रास्तों को अतिक्रमण मुक्त रखने की पूरी जिम्मेदारी सिंचाई विभाग की थी, जिसमें अधिकारी पूरी तरह विफल रहे। सरकार की छवि धूमिल करना: मंत्री ने कहा कि इस प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा है, जिससे सरकार की छवि को गहरा धक्का लगा है। विजिलेंस जांच की मांग केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से आग्रह किया है कि गुरुग्राम की जनता को हर साल इस नारकीय स्थिति से बचाने के लिए इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय विजिलेंस जांच (सतर्कता जांच) कराई जाए। उन्होंने मांग की है कि शिव सिंह रावत के कार्यकाल के दौरान नालों की सफाई के नाम पर हुए खर्च और बिल्डरों को दिए गए फायदों की बारीकी से जांच हो, ताकि दोषियों को सख्त सजा मिल सके। गुरुग्राम में जलभराव की विकराल समस्या गुरुग्राम को देश का साइबर सिटी और आर्थिक हब माना जाता है, लेकिन हर मानसून में यहां की सड़कें तालाब में तब्दील हो जाती हैं। जलभराव के कारण न केवल घंटों लंबा ट्रैफिक जाम लगता है, बल्कि करोड़ों रुपये का व्यापारिक नुकसान भी होता है। राव इंद्रजीत सिंह ने स्पष्ट किया कि जल निकासी के रास्तों पर हुए अवैध निर्माण और नालों की सफाई न होना ही इस भयंकर जलभराव की मुख्य वजह है।



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