![]()
अजमेर नगर निगम में डिप्टी मेयर का चुनाव मंगलवार को बेहद रोमांचक रहा। भाजपा के हेमंत सांखला और कांग्रेस के नौरत गुर्जर को 40-40 वोट मिले। मुकाबला बराबरी पर पहुंचा तो फैसला लॉटरी से हुआ। पर्ची में हेमंत सांखला का नाम निकलते ही वे डिप्टी मेयर निर्वाचित हो गए। खास बात यह है कि सांखला लगातार तीसरी बार पार्षद बने हैं और अब पहली बार नगर निगम में डिप्टी मेयर की जिम्मेदारी संभालेंगे। पार्षद के रूप में लगातार तीसरी जीत हेमंत सांखला वार्ड 46 से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर पार्षद बने हैं। यह उनका लगातार तीसरा पार्षद चुनाव है। इससे पहले भी वे दो बार अलग अलग वार्ड से पार्षद रह चुके हैं। इस बार उन्होंने कांग्रेस विधानसभा प्रत्याशी द्रोपदी कोली के भतीजे मोक्ष नोनिया को हराया। तीन बार पार्षद बनने के बाद अब उनकी राजनीतिक पारी में एक और बड़ी जिम्मेदारी जुड़ गई है। मंडल अध्यक्ष से जिला मंत्री तक संगठन में सफर सांखला लंबे समय से भाजपा संगठन में सक्रिय रहे हैं। उन्हें पार्टी में मंडल अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी मिली। वर्ष 2013 में वे भाजपा एससी मोर्चा के जिला अध्यक्ष रहे। वर्तमान में वे भाजपा के जिला मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। संगठन में लंबे समय तक सक्रिय रहने के बाद अब उन्हें नगर निगम के डिप्टी मेयर पद की जिम्मेदारी मिली है। 40-40 वोट और एक पर्ची ने तय किया फैसला डिप्टी मेयर चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला बेहद करीबी रहा। मतदान के बाद हेमंत सांखला और कांग्रेस के नौरत गुर्जर को 40-40 वोट मिले। दोनों के बराबर वोट आने के बाद प्रशासन ने लॉटरी कराई। पर्ची में सांखला का नाम निकलने के साथ ही जीत भाजपा के खाते में चली गई। 12वीं पास, सिविल कॉन्ट्रेक्टर; संपत्ति 10.23 लाख हेमंत सांखला 12वीं पास हैं और पेशे से सिविल कॉन्ट्रेक्टर हैं। चुनावी जानकारी के अनुसार उनकी कुल संपत्ति 10.23 लाख रुपए है। राजनीति के साथ वे अपने व्यवसाय से भी जुड़े हुए हैं। सांखला के परिवार का भाजपा से पुराना जुड़ाव रहा है। परिवार में पत्नी मोनिका, बेटी और माता-पिता हैं। पत्नी प्राइवेट टीचर हैं, जबकि बेटी स्कूल में पढ़ाई कर रही है। उनके पिता का नाम महेश बिहारी है। तीन बार पार्षद बनने के बाद अब डिप्टी मेयर हेमंत सांखला की राजनीतिक पहचान वार्ड 46 के पार्षद के साथ-साथ भाजपा संगठन में सक्रिय नेता के रूप में रही है। लगातार तीसरी बार पार्षद बनने के बाद अब लॉटरी के जरिए उन्हें डिप्टी मेयर की जिम्मेदारी मिली है। यानी पार्षद के रूप में शुरू हुआ सफर अब नगर निगम के दूसरे सबसे बड़े पद तक पहुंच गया है।
Source link
अजमेर में तीन बार पार्षद बने सांखला, अब डिप्टी मेयर:संगठन में मंडल अध्यक्ष से जिला मंत्री तक की जिम्मेदारी संभाली, लॉटरी से हुआ चुनाव का फैसला
