उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण के लिए शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की कार्रवाई के दौरान उज्जैन में तनाव की स्थिति बनी।
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खास बात यह रही कि मस्जिद का हिस्सा हटाने के लिए मुस्लिम समाज के कुछ लोग खुद आगे आए और औजारों से निर्माण हटाना शुरू किया। इसी दौरान मौके पर विवाद बढ़ा और पथराव की स्थिति बनी। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
पूरे घटनाक्रम में एक तरफ सड़क चौड़ीकरण के लिए प्रशासन की कार्रवाई थी, तो दूसरी तरफ मस्जिद से जुड़े लोगों की भावनाएं और समझौते के तहत स्वयं प्रभावित हिस्सा हटाने की कोशिश।
इसी बीच बदले हालात ने विवाद को और बढ़ा दिया। बाद में मामले में पुलिस कार्रवाई भी हुई और हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच हुए समझौते का भी उल्लेख सामने आया।
उज्जैन में दिन भर चले बवाल के बाद फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण है। पथराव लाठी चार्ज और आंसू गैस के गोले चलने से आसपास के रहवासी व्यापारी और नौकरी पेशा लोग सहमे में हुए है।

उज्जैन की यही वह मस्जिद है जिसके एक हिस्से को तोड़ने को लेकर विवाद हुआ।
12 मीटर सड़क को 15 मीटर किया जाएगा
सिंहस्थ 2028 के लिए कोयला फाटक से गोपाल मंदिर तक रोड चौड़ीकरण किया जाना है। इसके लिए पहले से मौजूद 12 मीटर रोड को 15 मीटर किया जा रहा है।
कोयला फाटक से गोपाल मंदिर तक के रोड में 15 धर्म स्थल अतिक्रमण की जद में आ रहे है। कोयला फाटक से लेकर कंठाल चौराहे तक 8 धर्म स्थलों को बिना विवाद के हटाकर उन्हें शिफ्ट कर दिया और उस पर 15 मीटर रोड भी चौड़ी कर दी गई। यहां तक तो सब ठीक था।
लेकिन नगर निगम जैसे ही कंठाल से गोपाल मंदिर के लिए आगे बड़ा तो छत्री चौक पर शाही मस्जिद का 4.5 बाय 9 फीट का क्षेत्र तोड़ने की खबर के बाद मुस्लिम समाज नाराज हो गया।

रात में ही बन गई थी सहमति
मामले में प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच सड़क के लिए जरूरी जगह देने को लेकर सहमति बनी थी। इसके तहत करीब 3 फीट जगह देने, प्रभावित दुकानों को हटाने और मस्जिद की बड़ी मीनार को दूसरी ओर शिफ्ट करने पर बात बनी। दुकानों के लिए दूसरी जगह उपलब्ध कराने की बात भी सामने आई।
इसके बाद मस्जिद कमेटी से जुड़े लोगों ने प्रभावित हिस्से को खुद हटाना शुरू किया। लेकिन कार्रवाई के दौरान अचानक भीड़ जुटी और विवाद बढ़ गया। पथराव की स्थिति बनने पर पुलिस ने मोर्चा संभाला। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल और सुरक्षा व्यवस्था लगाई गई थी, इसके बावजूद तनाव की स्थिति बनी।
सबसे पहले देखिए पत्थरबाजी की तस्वीर…

तस्वीरों में युवक पुलिस पर पत्थर बरसाते हुए दिख रहे हैं।
फिर बिगड़े हालात
यही से विवाद की स्थिति बनी, मुस्लिम समाज ने दावा किया कि मस्जिद 636 वर्ष पुरानी है इसे नहीं तोड़ते हुए सेंटर लाइन बीच से लेकर सामने वाले साइड में होटल है उसके एक हिस्से को लेकर रोड चौड़ा किया जा सकता है।

भावुक होकर मस्जिद की दीवारों को हाथों से तोड़ते लोग।
हाथों से खुद तोड़ी मस्जिद की दीवारें-जालीं
बात नहीं बनी और रविवार को सीएम ने अपने हाथों से अपने घर को तोड़ने की शुरुआत करने के बाद सीएम ने सन्देश दिया था की विकास में सभी धार्मिक स्थल टूंटेंगे।
इसके बाद रविवार शाम को प्रशसनिक अधिकारियो के साथ नुमाईंदा कमिटी की एक बैठक हुई। इसके बाद घटनाक्रम तेजी से बदला और रात को ही विरोध कर रहे लोगो को आपसे सहमति की बात बताकर घर भेज दिया।

पत्थरबाजी के बाद लोगों ने प्रशासन की मदद से खुद पत्थर बीने।
जेसीबी से तोड़ने की अफवाह
सोमवार सुबह मुस्लिम समाज ने करीब 8 बजे मस्जिद को खुद ने तोड़ने शुरू किया , माना जा रहा है कि मुस्लिम समाज के लोग जब सोकर उठे तो उन्हें समाज को सोशल मीडिया के माध्यम से पता चला की मस्जिद पर जेसीबी मशीन चलाई जा रही हैं। देखते ही देखते 9 बजे के लगभग मुस्लिम समाज के लोगों की टंकी चौराहे पर भारी भीड़ जमा हो गयी। इसके बाद करीब तीन बार पथराव की घटना हो गई।

यही वह मस्जिद है जहां उपद्रव हुआ।
लाखों रुपए का नुकसान
दिन रात बाजार की भीड़ से रौनक गुलजार रहने वाले क्षेत्र छत्री चौक, सराफा बाजार, ढाबा रोड, लखेरवाड़ी, सतीगेट,मोची वाडा, मिर्जा नईम बेग मार्ग, टंकी चौराहा सहित करीब एक दर्जन से अधिक क्षेत्र दिन भर बंद रहे।
ये सभी क्षेत्र शहर का बड़ा व्यापारिक क्षेत्र है और रोजाना इन क्षेत्रो में करोडो रुपए की खरीदारी की जाती है। ऐसे में एक दिन बंद रहने से व्यापरियों का खासा नुकसान भी हुआ।

यह पत्थरबाजी के बाद की तस्वीर है। यहां पूरी सड़क पर पत्थर दिखाई दिए।
जिस सड़क के लिए पूरा विवाद, वह कितनी जरूरी
सिंहस्थ-2028 को देखते हुए उज्जैन में प्रमुख मार्गों का चौड़ीकरण किया जा रहा है। कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक करीब डेढ़ किलोमीटर मार्ग को 15 मीटर चौड़ा करने की योजना है। इसी दायरे में मकान, दुकानें और धर्मस्थल प्रभावित हो रहे हैं।
यह मार्ग शहर के प्रमुख धार्मिक क्षेत्रों और घाटों की ओर आने-जाने वाले रास्तों से जुड़ता है। सिंहस्थ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आवागमन को देखते हुए सड़क की क्षमता बढ़ाना प्रशासन की योजना का हिस्सा है। इसी वजह से इस मार्ग पर अतिक्रमण और निर्माण हटाने की कार्रवाई की जा रही है।

अफवाहों के बीच समुदाय विशेष के लोगों ने सड़क पर चक्काजाम भी किया।
323 मकान, 15 धर्मस्थल दायरे में
चौड़ीकरण की जद में कुल 323 मकान आने की जानकारी सामने आई है। इनमें 15 धर्मस्थल भी शामिल हैं। प्रशासन के अनुसार अब तक 12 धर्मस्थलों को हटाया जा चुका है। शाही मस्जिद का भी एक हिस्सा सड़क के दायरे में आया है।
दस्तावेजों में मस्जिद के 100 साल से अधिक पुराना होने की बात सामने आती है, जबकि इमाम की ओर से इसे 600 साल से अधिक पुराना बताया गया है।
अब तस्वीरों में देखिए प्रशासन की कार्रवाई…

कलेक्टर और एसपी खुद घोड़े पर सवार होकर घटनास्थल तक पहुंचे।

पुलिस बल और आरएएफ की टुकड़ियां भी तैनात की गईं।

उपद्रवियों पर पुलिस ने लाठी का प्रयाेग भी किया।

कलेक्टर-एसपी ने मौके का निरीक्षण किया।
बाजार और कारोबार पर भी असर
विवाद के दौरान प्रभावित क्षेत्र में तनाव का सीधा असर बाजार पर पड़ा। दुकानों के बंद रहने से कारोबार प्रभावित हुआ। स्थानीय व्यापारियों के लिए यह स्थिति केवल सड़क चौड़ीकरण तक सीमित नहीं है—निर्माण हटने, आवाजाही प्रभावित होने और बाजार बंद रहने से रोजमर्रा के कारोबार पर भी असर पड़ता है।
आगे चौड़ीकरण की कार्रवाई बढ़ने पर प्रशासन के सामने विकास कार्य और प्रभावित व्यापारियों-रहवासियों के पुनर्व्यवस्थापन के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती रहेगी।

उज्जैन शहर काजी ने भी शांति बनाए रखने की अपील की।
अब आगे क्या?
हाईकोर्ट ने प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच हुए समझौते को रिकॉर्ड पर लेते हुए उसके अनुसार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। समझौते के तहत मस्जिद का करीब 3 फीट हिस्सा हटाया जाएगा और मिनार को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। प्रभावित दुकानों को दूसरी जगह देने का आश्वासन भी दिया गया है। हालांकि, दुकानों को लेकर अभी लिखित आश्वासन नहीं मिला है।
यहां भी हो सकता है विवाद
सिंहस्थ को लेकर चल रहे सड़क चौड़ीकरण के काम में बुधवरिया से केडी गेट तक का मार्ग 15 मीटर चौड़ा किया जाना है। इसी मार्ग में खजूर वाली मस्जिद से गणेश चौक तक की सड़क भी शामिल है। खजूर वाली मस्जिद सड़क के बीच में स्थित होने के कारण यहां भी सड़क चौड़ीकरण को लेकर विवाद की स्थिति बन सकती है।
केडी गेट क्षेत्र में पहले ही विरोध हो चुका है। सड़क चौड़ीकरण के लिए मदीना मस्जिद और जमीयतुल कुरैश कस्साबान मस्जिद के कुछ हिस्से हटाए जाने हैं।
करीब 27 दिन पहले प्रशासन की टीम इन्हें हटाने पहुंची थी। जेसीबी से कार्रवाई शुरू होते ही मुस्लिम समाज के लोगों ने विरोध किया था। इस दौरान पुलिस और लोगों के बीच बहस और कहासुनी भी हुई थी।
स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। विरोध के बाद प्रशासन की टीम बिना कार्रवाई किए लौट गई थी। अब सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई आगे बढ़ने पर केडी गेट और खजूर वाली मस्जिद क्षेत्र में भी प्रशासन के सामने विरोध की स्थिति बन सकती है।


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उज्जैन में मस्जिद तोड़ने के खिलाफ याचिका हाईकोर्ट में खारिज

उज्जैन में शाही मस्जिद मामले में दायर याचिका मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने जिला प्रशासन और शाही मस्जिद कमेटी के बीच हुए समझौते के आधार पर मामले को डिस्पोज ऑफ कर दिया। याचिकाकर्ता शाही मस्जिद कमेटी के एडवोकेट कुलदीप पाठक ने कहा- कमेटी और प्रशासन के बीच समझौते के तहत सड़क के लिए 3 फीट जगह के साथ कुछ दुकानें हटाने पर सहमति बनी है।पूरी खबर पढ़ें
