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अखिलेश ने अंबानी के करीबी को राज्यसभा का टिकट दिया:धनराज परिमल, रामगोपाल के साथ आज नामांकन दाखिल करेंगे, तीसरे नाम पर सस्पेंस




सपा मुखिया अखिलेश यादव ने राज्यसभा चुनाव में चौंकाने वाला नाम उतारा है। उन्होंने जाने-माने बिजनेसमैन मुकेश अंबानी के करीबी धनराज परिमल नथवानी को उम्मीदवार बनाया है। वह आज सुबह 11 बजे सपा महासचिव रामगोपाल यादव के साथ अपना नामांकन दाखिल करेंगे। इस दौरान अखिलेश भी मौजूद रहेंगे। धनराज, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड में ग्रुप प्रेसिडेंट हैं। जामनगर और वडोदरा मैन्युफैक्चरिंग डिवीजन से जुड़े रहे हैं। वह रिलायंस न्यू एनर्जी लिमिटेड में भी डायरेक्टर हैं। उनके पिता परिमल नथवानी रिलायंस इंडस्ट्रीज के कॉर्पोरेट अफेयर्स डायरेक्टर हैं। झारखंड से राज्यसभा सांसद भी हैं। यूपी में राज्यसभा की 10 सीटों पर चुनाव होना है। मौजूदा विधायकों की संख्या के लिहाज से NDA को 8 और सपा को 2 सीटें मिलना तय है। हालांकि, अखिलेश 3 सीटों पर प्रत्याशी उतारने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, तीसरा उम्मीदवार कौन होगा, इस पर सस्पेंस बरकरार है। धनराज परिमल नथवानी के बारे में जानिए- तीसरा नाम सरप्राइजिंग होगा, पूर्व सांसद ने दावेदारी पेश की अखिलेश ने मंगलवार को दोबारा अपने विधायकों को पार्टी ऑफिस बुलाया था। इससे पहले, राज्यसभा में नामांकन के लिए पर्चे खरीद लिए गए थे। सपा के पुराने नेता और बदांयू से सांसद रह चुके सलीम इकबाल शेरवानी भी सपा कार्यालय पहुंचे थे। अखिलेश से मुलाकात कर राज्यसभा के लिए अपनी दावेदारी पेश की थी। अखिलेश ने उन्हें 4 अक्टूबर तक लखनऊ में ही रहने को कहा है। कार्यालय से बाहर निकलते हुए सलीम ने कहा था- हमारी ख्वाहिश है कि पार्टी उन्हें राज्यसभा भेजे। उम्मीद करते हैं कामयाबी मिलेगी। 2 कैंडिडेट का चुना जाना तय, तीसरे के लिए 12 और विधायकों की जरूरत यूपी विधानसभा में कुल सीटों की संख्या 403 है। मौजूदा समय में 7 सीटें खाली हैं। यानी, मौजूदा समय में 396 विधायक हैं। राज्यसभा की 10 सीटों पर चुनाव के लिए जो फॉर्मूला अपनाया जाएगा, वह 396/11+1 होगा। यानी 396 को 11 से भाग देने पर जो संख्या आएगी, उसमें एक जोड़ा जाएगा। यानी एक सदस्य को चुनने के लिए 37 प्रथम वरीयता वोट की जरूरत पड़ेगी। सपा के पास मौजूदा समय में 100 विधायक ही हैं। इसमें से भी रमाकांत यादव जेल में बंद हैं। यानी संख्या घटकर 99 रह जाती है। ऐसे में सपा को तीसरे प्रत्याशी को जिताने के लिए कम से कम 12 और वोटों की जरूरत पड़ेगी। सपा को ऐसे प्रत्याशी की तलाश है, जो इस अंतर को खत्म कर सके। भाजपा को 8वां कैंडिडेट जिताने के लिए 6 वोटों की जरूरत पड़ेगी वहीं, भाजपा को 8वां कैंडिडेट जिताने के लिए कम से कम 6 वोटों की जरूरत पड़ेगी। ऐसे में दूसरी और तीसरी वरीयता के वोटों की गिनती अहम हो जाती है। इसके लिए विधायकों को बकायदा प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्हें बताया जाता है कि किस विधायक को किस कैंडिडेट के लिए प्रथम वरीयता पर रखना है और किसे दूसरी व तीसरी वरीयता पर। इसी तरह गिनती में निर्धारित कोटे तक पहुंचने पर संबंधित प्रत्याशी को विजयी घोषित कर दिया जाता है। —————————- ये खबर भी पढ़िए- भाजपा को ‘सरप्राइज’ देने की तैयारी में अखिलेश:10 विधायक तोड़कर राज्यसभा में तीसरी सीट जीतने की तैयारी…?; क्या है पूरा प्लान यूपी में राज्यसभा की 10 सीटों पर चुनाव है। इसके प्रत्याशियों को लेकर सोमवार (28 सितंबर) को प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब अखिलेश यादव से सवाल पूछा गया तो वे बोले, ‘सरप्राइज के लिए तैयार रहिए…।’ आज यूपी एक्सप्लेनर में अखिलेश के इसी ‘सरप्राइज प्लान’ को डिकोड करेंगे। पूरी खबर पढ़िए



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