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DA-DR, एरियर्स समेत 8 मांगें; 14 संगठनों का समर्थन:बिलासपुर में ‘मोदी की गारंटी’ का लाभ नहीं मिलने पर सरकारी कर्मचारियों का प्रदर्शन




बिलासपुर में सरकारी कर्मचारियों ने ‘मोदी की गारंटी’ का लाभ नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। कर्मचारी केंद्रीय कर्मचारियों की तरह महंगाई भत्ता, पेंशनरों को महंगाई राहत और डीए एरियर्स समेत 8 मांगों को लेकर सड़क पर उतरे। उन्होंने मांगें पूरी नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी। कर्मचारियों ने 10 जून को जिला और तहसील मुख्यालयों में ज्ञापन सौंपा था। इसके बाद 7 से 11 जुलाई के बीच सांसदों, विधायकों और मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन दिया गया। सुनवाई नहीं होने पर कर्मचारियों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने का फैसला लिया। 14 कर्मचारी संगठनों का मिला समर्थन आंदोलन को 14 संगठनों का समर्थन मिला है। इसमें छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के संभागीय अध्यक्ष ओम त्रिपाठी और जिला अध्यक्ष किशोर शर्मा शामिल हैं। समर्थन देने वाले संगठनों में कर्मचारी संघ की रायगढ़, जांजगीर-चांपा, सक्ती, मुंगेली, कोरबा, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला इकाइयां शामिल हैं। इसके अलावा बिलासपुर के स्वास्थ्य, आईटीआई, कृषि विस्तार अधिकारी संघ, छात्रावास अधीक्षक संघ, नि:शक्त अधिकारी-कर्मचारी संघ, राज्य लघुवनोपज कर्मचारी कल्याण संघ, शासकीय तकनीकी कर्मचारी संघ और छत्तीसगढ़ कर्मचारी, अधिकारी पेंशनर एसोसिएशन ने भी समर्थन दिया है। 1 जनवरी से 2% डीए समेत 8 प्रमुख मांगें कर्मचारियों की मुख्य मांगों में 1 जनवरी से 2% महंगाई भत्ता देना, केंद्रीय कर्मचारियों की तरह महंगाई भत्ता और पेंशनरों को महंगाई राहत देना शामिल है। इसके साथ ही डीए एरियर्स को जीपीएफ खाते में समायोजित करने की मांग की गई है। कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि वित्त मंत्री ने कैशलेस चिकित्सा सुविधा की घोषणा की थी, लेकिन अब तक इस संबंध में कोई नियम जारी नहीं हुआ है। 240 की जगह 300 दिन का अवकाश नगदीकरण मांगा कर्मचारियों ने केंद्रीय कर्मचारियों की तरह सेवानिवृत्ति पर 240 दिनों के स्थान पर 300 दिनों के अवकाश नगदीकरण का आदेश जारी करने की मांग की है। ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजकों को पुनरीक्षित वेतनमान देने की भी मांग की गई है। टीईटी के स्थान पर सीमित विभागीय परीक्षा की मांग कर्मचारियों ने टीईटी के स्थान पर सीमित विभागीय परीक्षा लेने की मांग की है। इसके अलावा अनुकंपा नियुक्ति में 10% की सीलिंग खत्म कर सभी पात्र पदों पर अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग भी रखी गई है।



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