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सेल्फ हेल्प किताबों से:कई बार एक छोटी जिज्ञासा ही आगे की राह दिखाती है




किताबों से जानिए, छोटी-छोटी जिज्ञासा का होना क्यों जरूरी है? मन खुला है, तो साधारण में भी कुछ नया दिखेगा
रचनात्मकता हमेशा किसी बड़े विचार से शुरू नहीं होती। कई बार छोटी जिज्ञासा ही आगे का रास्ता दिखाती है। इसलिए हर विचार को तुरंत अच्छा या बुरा मानकर खारिज न करें। उसे थोड़ा समय दें, उसके साथ रहें और देखें कि वह कहां ले जाता है। मन खुला होता है, तो साधारण चीजों में भी कुछ नया दिखता है। (द क्रिएटिव एक्ट -रिक रुबिन) हार मानने के बजाय एक और दिन कोशिश करें
हर समय मजबूत बनना जरूरी नहीं है। कभी थकना, डरना या मदद मांगना भी इंसान होने का हिस्सा है। खुद को दूसरों से कम न समझें। गलतियां होंगी, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप असफल हैं। हार मानने के बजाय एक और दिन कोशिश करें। आगे बढ़ेंगे तो चीजें अपने आप समझ में आएंगी। (द बॉय, द मोल, द फॉक्स… -चार्ली मैकेसी) हर दिन मौका है कुछ सीखने का, सुधारने का
बड़ा बनने के लिए हमेशा बड़े काम करना जरूरी नहीं है। अपने काम ईमानदारी से करना, मुश्किल समय में शांत रहना और हर दिन खुद को थोड़ा बेहतर बनाना भी सफलता का हिस्सा है। हर दिन एक नया मौका है- कुछ सीखने का, कुछ सुधारने का। अपने मूल्यों से कभी समझौता न करें। (द एवरीडे हीरो मेनिफेस्टो -रॉबिन शर्मा) अपने भीतर चल रही बेचैनी को समझें
हर भावना को तुरंत दबाना जरूरी नहीं है। कभी-कभी अपने भीतर चल रही बेचैनी को समझने के लिए खुद के साथ बैठना पड़ता है। जो महसूस हो रहा है, उसे पहचानें। अपने शरीर के संकेतों पर ध्यान दें। थकान, तनाव या बेचैनी कई बार यह बता रहे होते हैं कि हमें थोड़ा रुकने की जरूरत है। (द बॉडी कीप्स द स्कोर -बेसल वैन डेर कोलक)



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