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मुजफ्फरपुर में सकरा के सुजावलपुर में 90 लाख रुपए के जेवर चोरी मामले में दो साल से कार्रवाई नहीं होने से परेशान पीड़ित को शुक्रवार शाम एक ठग ने पटना एसएसपी बनकर कॉल किया। इससे एक दिन पहले गुरुवार को पीड़ित विनोद कुमार चौधरी कार्रवाई की गुहार लेकर एसएसपी कार्यालय पहुंचा था। ठग ने पीड़ित को भरोसा दिलाया कि केस की फाइल उसके पास आ गई है। 24 घंटे के अंदर 90 लाख के जेवर बरामद कराने के साथ अपराधियों को गिरफ्तार कर लेगा। इसके लिए 80 हजार रुपए ‘खर्चा-पानी’ के नाम पर मांगे। रकम मांगते ही पीड़ित को ठगी की आशंका हुई। उसने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। फर्जी एसएसपी और पीड़ित के बीच हुई बातचीत फर्जी एसएसपी ने बातचीत में अपना नाम अजय यादव बताया। उसने कहा कि चोरी के केस की फाइल उसके पास जांच के लिए आई है और अब वह खुद मामले का खुलासा कराएगा। फर्जी एसएसपी: हेलो… विजय कुमार चौधरी बोल रहे हो? पीड़ित: जी सर। फर्जी एसएसपी: मैं पटना का एसएसपी अजय यादव बात कर रहा हूं। आपके केस की फाइल मेरे पास जांच के लिए आई है। पीड़ित: सर, दो साल से अधिकारी के चक्कर काट रहा हूं। लेकिन कुछ नहीं हो पाया। इसके बाद पीड़ित ने उसे पूरे मामले की जानकारी दी। पीड़ित: सर, इसमें आप आगे क्या करेंगे? फर्जी एसएसपी: देखो, 90 लाख तुम्हारा अब गया। लेकिन 80 हजार रुपए खर्चा-पानी के लिए भेज दो। मैं मुजफ्फरपुर एसपी से बात करूंगा। इसके बाद टीम के साथ रात में छापेमारी करूंगा। पीड़ित ने जब उससे मिलने की बात पूछी तो उसने पटना एसएसपी कार्यालय आने को कहा। साथ ही पहले 80 हजार रुपए भेजने का दबाव बनाया। पीड़ित: अगर आपसे मुलाकात करनी होगी तो कहां मिलना होगा? फर्जी एसएसपी: पटना एसएसपी कार्यालय आना होगा। पहले 80 हजार भेज दो। 2 बजे तक नहीं भेजोगे तो फाइल आगे बढ़ जाएगी। दो साल में कई अनुसंधानक बदले, नहीं मिला सुराग पीड़ित के अनुसार, केस दर्ज होने के बाद जांच की जिम्मेदारी कई अनुसंधानकों को दी गई, लेकिन अब तक चोरी में शामिल किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। उसका दावा है कि पुलिस को संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी और मोबाइल की लोकेशन भी उपलब्ध कराई गई थी। इसके बावजूद जेवर या मोबाइल बरामद नहीं हुआ। वही दूसरी ओर एसडीपीओ मनोज कुमार सिंह ने समीक्षा में दो अनुसंधानकर्ता पर केस में घोर लापरवाही करने की अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा भी की थी। बाइक के हैंडल से गायब हुआ था जेवर वाला झोला विजय कुमार चौधरी के अनुसार, 8 फरवरी 2024 की शाम करीब 7:15 बजे वह सकरा के सुजावलपुर स्थित बैंक ऑफ इंडिया मार्केट की दुकान बंद कर घर लौट रहा था। नसीम चमन दुकान के पास बाइक खड़ी कर जेवर वाला झोला हैंडल में टांगा था। इसी दौरान उसका बेटा चप्पल-जूता खरीदने दुकान पर चला गया। कुछ देर बाद लौटने पर बाइक से झोला गायब था। पीड़ित के अनुसार, झोले में करीब 90 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवर और मोबाइल था। मामले में सकरा थाने में केस दर्ज कराया गया था। अब साइबर शिकायत के बाद जांच का विषय यह भी है कि फर्जी एसएसपी के पास पीड़ित का मोबाइल नंबर और चोरी के केस से जुड़ी जानकारी कहां से पहुंची।
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‘SSP बोल रहा हूं… 24 घंटे में जेवर मिल जाएंगे':पहले 90 लाख के गहने की चोरी, अब पीड़ित को आया साइबर फ्रॉड का कॉल; 80 हजार मांगे
