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लखनऊ में बाढ़, 10 हजार लोगों का पलायन:गलियों में नाव चल रही, लखीमपुर में नदी में डूबी बच्चों से भरी बोलेरो




यूपी में बारिश थम गई है, लेकिन नदियां अब भी उफान पर हैं। आज रविवार को मौसम साफ है, सुबह से धूप निकली है। 11 जिलों में 10 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से 40 हजार से ज्यादा घरों में पानी घुस गया है। लोग फुटपाथ पर सोने को मजबूर हैं। 10 हजार लोग घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर पलायन कर गए हैं। गलियों में नावें चल रही हैं। गोमती रिवर फ्रंट में पानी भर गया है। अगले आदेश तक उसे बंद कर दिया गया है। गोमती में पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और सीतापुर की ओर से पानी पहुंच रहा है। बेहटा, श्रावण समेत कई नालों का पानी भी नदी में गिर रहा है। इसी वजह से बारिश रुकने के बाद भी गोमती का जलस्तर बढ़ रहा है। सिंचाई विभाग के मुताबिक, सोमवार से नदी का जलस्तर घटने की उम्मीद है। फर्रुखाबाद में पुल डूब गए हैं। सीतापुर में सरायन नदी खतरे के निशान से 1.62 मीटर ऊपर है। उन्नाव में सई नदी का पानी 12 से ज्यादा गांवों में घुस गया है। गोंडा में घाघरा 26 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। यहां 30 गांवों में करीब 25 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। उधर, फतेहपुर में पांडु नदी में 12 लोगों से भरी नाव पलट गई। ग्रामीणों ने सभी को बचा लिया। लखीमपुर खीरी में बच्चों से भरी बोलेरो उफनते नाले में फंस गई, जिन्हें स्थानीय लोगों ने सुरक्षित निकाल लिया। लखनऊ में बाढ़ की तस्वीरें देखिए- इन वजहों से बढ़ रहा नदियों का जलस्तर 1. ऊपरी इलाकों में हुई बारिश का पानी नीचे आ रहा नेपाल, उत्तराखंड और यूपी के ऊपरी जिलों में हुई तेज बारिश का पानी नदियों के जरिए मैदानी इलाकों में पहुंच रहा है। इसलिए यूपी में बारिश रुकने के बाद भी नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, बहराइच, श्रावस्ती, सीतापुर, गोंडा और बाराबंकी जैसे जिलों में इसका असर ज्यादा दिखाई दे रहा है। गोमती नदी में भी पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और सीतापुर की तरफ से पानी पहुंच रहा है। 2. बैराज और बांधों से छोड़ा जा रहा पानी ऊपरी इलाकों में बारिश के कारण बैराज और जलाशयों में पानी बढ़ जाता है। ऐसे में अतिरिक्त पानी छोड़ा जाता है। यह पानी कुछ समय बाद यूपी की नदियों में पहुंचता है और जलस्तर बढ़ जाता है। इसका असर लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा, अयोध्या, बाराबंकी और गोरखपुर जैसे मैदानी जिलों में देखने को मिल सकता है। इसी वजह से कई जगह बारिश थमने के बाद भी नदियां उफान पर बनी हुई हैं। लखीमपुर में बोलेरो डूबी, बाल-बाल बचे बच्चे वाराणसी में BHU के मौसम वैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव ने बताया- 1 जून से 30 सितंबर 2026 के मानसून सीजन में पूरे यूपी में सामान्य बारिश हुई है। आमतौर पर जितनी बारिश होती है, इस साल उससे 8% ज्यादा कुल 802.9 मिमी बारिश हुई। पूर्वी यूपी में औसत से 2% कुल 817 मिमी और पश्चिमी यूपी में 16% ज्यादा 782.7 मिमी बारिश हुई।



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