वाराणसीकुछ ही क्षण पहले
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दालमंडी में मकानों का ध्वस्तीकरण पूरा हुआ। बांटा गया 132 करोड़ रुपए मुआवजा।
वाराणसी के दालमंडी प्रोजेक्ट में जुलाई 2025 में चिह्नित किए गए 181 मकानों का ध्वस्तीकरण 29 अक्टूबर 2025 से शुरू किया गया था। जिनका ध्वस्तीकरण 5 अक्टूबर 2026 को पूरा करा लिया गया। सोमवार को पीडब्ल्यूडी ने दालमंडी में बचे हुए 6 मकानों पर पोकलैंड और जेसीबी से कार्रवाई करवाई। इसके अलावा मजदूरों ने घरों पर चढ़कर हाथ से भी ध्वस्तीकरण का कार्य शुरू किया। पीडब्ल्यूडी के अधकारियों की मानें तो 181 मकान और 6 मस्जिदों की क्षतिपूर्ति में 191 करोड़ में से कुल 132 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं।

दालमंडी में खत्म हुई 172 मकानों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई। 9 मकानों पर लगा काम।
बचे हुए मकानों को सोमवार को तोड़ा गया
पीडब्ल्यूडी के अभियंता केके सिंह ने बताया – जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई लगातार दालमंडी में चल रही थी। धारा 19 के प्रकाशन के बाद अब सभी पैसा प्रभावितों को मिल गया है। डिसमेंटलिंग का आज फाइनल चरण है। 5 से 6 मकान हैं। जिन्हे सोमवार को तोड़ा गया है। अब कोई भी मकान डिसमेंटलिंग के लिए दालमंडी में नहीं है। जो मकानों का ध्वस्तीकरण शुरू होगया है। उन्ही पर मजदूर और मशीने काम करेंगे। पहले मकानों के चिह्नित हिस्सों को काट के बचे हुए हिस्से से अलग किया जाएगा। उसके बाद उसकी डिसमेंटलिंग की जाएगी।

12 महीने में पोकलैंड मशीन और जेसीबी ने तोड़े 181 मकान।
172 मकान हुए जमीदोज, 132 करोड़ बंटा मुआवजा
केके सिंह ने बताया कि 172 मकान पूरी तरह से जमीदोज हो चुके हैं। 5 से 6 मकान 70 प्रतिशत हटाए जा चुके हैं और आज 5 से 6 मकान जो बचे हुए थे उन्हें सोमवार को तोड़ दिया गया है। अब कोई भी मकान दालमंडी में तोड़ने के लिए नहीं बचे हैं। बाकी हमारे कर्मचारी लगे हैं। जो मकानों को जमीदोज करने में लगे हुए हैं। नवंबर शुरुआत तक सभी मकानों को जमीदोज कर लिया जाएगा। सभी मकानों और मस्जिदों को मिलकार कुल 132 करोड़ रुपए मुआवजे के रूप में दिया गया है।

पीडब्ल्यूडी के अभियंता केके सिंह बोले – दिसंबर तक जनता को समर्पित करने का लक्ष्य।
दिसंबर तक जनता को कर देंगे समर्पित
केके सिंह ने बताया – दालमंडी में चौक थाने की तरफ से गहरी सीवर लाइन, पेयजल पाइप लाइन और अंडरग्रॉउंड बिजली का तार बिछाने की कवायद शुरू कर दी गयी है। यदि काम ऐसे ही चलता रहा तो आगामी दिसंबर तक यानी एक से डेढ़ महीने में हम सड़क बनाकर दे देंगे। यह प्रयास जिला प्रशासन की वजह से साकार हो पाया। दिसंबर तक अगर हम इसे पब्लिक के लिए खोल देते हैं तो यह हमारा अचीवमेंट होगा।

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में 12 महीने से चल रहा है दालमंडी का ध्वस्तीकरण प्रोजेक्ट।
अब जानिए क्या है दालमंडी प्रोजेक्ट…
पीएम ने रखी थी प्रोजेक्ट की आधारशिला
वाराणसी की दालमंडी गली को मॉडल सड़क के रूप में विकसित किया जाना है। प्रधानमंत्री ने अपने 51वें काशी के दौरे पर इस कार्य का शिलान्यास किया था। इसके लिए राज्य सरकार की तरफ से 215.88 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। 186 भवन, दुकान स्वामियों को 191 करोड़ रुपए मुआवजा के रूप में दिए जाएंगे। वहीं 9 अगस्त को विधायक नीलकंठ तिवारी ने दालमंडी का भूमि पूजन किया था।

प्रधानमंत्री ने रखी थी दालमंडी प्रोजेक्ट की आधारशिला।
60 फुट चौड़ी होगी सड़क
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के अनुसार नई सड़क से लेकर चौक थाने तक 650 मीटर की दाल मंडी गली को 60 फुट चौड़ा किया जाना है। इसमें 30 फुट की सड़क और दोनों तरफ 15-15 फुट की पटरी होगी। इसके अंदर बिजली, सीवर और पानी की व्यवस्था अंडरग्राउंड की जाएगी। यहां तारों का जंजाल साफ किया जाएगा।

कभी ऐसे दिखाई देता था दालमंडी का बाजार।
220 करोड़ से बनेगी 650 मीटर लंबी सड़क
नई सड़क से चौक थाने तक गई दालमंडी की कुल लंबाई 650 मीटर है। इस सड़क को 17.5 मीटर चौड़ा करने का मसौदा पास हो चुका है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतिम दिन 215 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ और 2 करोड़ रुपए रिलीज किए गए थे।
पीडब्ल्यूडी की टीम ने कहां कितनी सड़क चौड़ी है, कौन सा मकान कितनी जद में आ रहा है, 181 घरों की नपाई के बाद उनकी रजिस्ट्री शुरू हुई और ध्वस्तीकरण का कार्य शुरू हुआ है। इसके अलावा इसमें 6 मस्जिदें भी थीं।
PWD के अधिकारियों ने डेटा तैयार किया। इस डेटा के हिसाब से मुआवजे का आकलन किया गया था। जो लगभग 191 करोड़ रुपए हैं। अभी तक 172 मकान जमीदोज किए जा चुके हैं और 9 मकानों पर काम चल रहा है।


