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Bilaspur GRP Constable Disproportionate Assets Case


बिलासपुर33 मिनट पहले

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छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में गांजा तस्करी के मामले में जेल में बंद गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (GRP) के बर्खास्त कॉन्स्टेबल संतोष राठौर के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने कोर्ट में चार्जशीट पेश की है। जांच में कॉन्स्टेबल के पास आय से अधिक संपत्ति होने का मामला सामने आया है।

ACB के अनुसार, कॉन्स्टेबल संतोष राठौर की सेवाकाल के दौरान कुल आय 46 लाख 8 हजार 341 रुपए थी। जांच में उसके पास 62 लाख 28 हजार 137 रुपए की संपत्ति का ब्यौरा मिला है। इस तरह कॉन्स्टेबल ने अपनी आय से 16 लाख 19 हजार 796 रुपए अधिक की संपत्ति अर्जित की है।

बर्खास्त कॉन्स्टेबल संतोष राठौर के खिलाफACB ने कोर्ट में चार्जशीट पेश की है। (फाइल)

बर्खास्त कॉन्स्टेबल संतोष राठौर के खिलाफACB ने कोर्ट में चार्जशीट पेश की है। (फाइल)

2024 में दर्ज हुआ था आय से अधिक संपत्ति का केस

ACB ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में जीआरपी बिलासपुर में पदस्थ कॉन्स्टेबल संतोष राठौर के खिलाफ साल 2024 में केस दर्ज किया था। इसके बाद 1 दिसंबर 2024 को बिलासपुर स्थित उसके घर समेत बाकी ठिकानों पर छापेमारी की गई।

कार्रवाई के दौरान मिले दस्तावेज और बाकी सबूतों के आधार पर ACB ने उसकी आय और खर्च का मिलान किया। साथ ही उसके खर्च और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई। जांच में मिले दस्तावेज और सबूतों के आधार पर कॉन्स्टेबल के पास आय से अधिक संपत्ति होना पाया गया।

जांच पूरी होने के बाद ACB ने सोमवार को बर्खास्त आरक्षक संतोष कुमार राठौर के खिलाफ विशेष न्यायाधीश (पीसी एक्ट) के न्यायालय में अभियोग पत्र (चार्जशीट) पेश किया।

ट्रेनों में गांजा तस्करों को पकड़ने बनाई गई थी एंटी क्राइम टीम।

ट्रेनों में गांजा तस्करों को पकड़ने बनाई गई थी एंटी क्राइम टीम।

गांजा तस्करी में वसूली के आरोप में हुआ बर्खास्त

संतोष राठौर के खिलाफ पहले ट्रेन में गांजा तस्करी से जुड़े मामले में भी कार्रवाई हो चुकी है। आरोप है कि जीआरपी में पदस्थ रहने के दौरान उसने तीन आरक्षकों के साथ मिलकर ट्रेन में गांजा तस्करी करने वालों को पकड़ा था।

जब्त गांजा अपने पास रखने और आरोपियों पर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई नहीं करने के बदले रुपए लेने का आरोप है। आरोप है कि इन रुपयों को आपस में बांट लिया गया। इस मामले में जीआरपी बिलासपुर में धारा 20(बी) और 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था।

बाद में जांच एसीसीयू बिलासपुर को सौंपी गई। जांच पूरी होने के बाद एसीसीयू ने विशेष न्यायाधीश, एनडीपीएस एक्ट के न्यायालय में चालान पेश किया। संतोष राठौर इस मामले में फिलहाल बिलासपुर जेल में बंद है।

एनडीपीएस के इसी मामले में आपराधिक आचरण के आरोप में पुलिस अधीक्षक, रेल छत्तीसगढ़ ने 19 नवंबर 2024 को संतोष राठौर को सेवा से बर्खास्त कर दिया था।

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जीआरपी में पदस्थ लक्ष्मण गाइन, संतोष राठौर, मन्नू प्रजापति और सौरभ नागवंशी गांजे का कारोबार करते थे। चारों अभी जेल में बंद है।

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छत्तीसगढ़ में गांजे का कारोबार करने वाले GRP (गवर्नमेंट रेलवे पुलिस) के 3 बर्खास्त आरक्षकों की डेढ़ करोड़ की संपत्ति को पुलिस ने फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन के बाद जब्त किया है। इनके नाम पर लग्जरी मकान, कार और महंगी बाइक मिले हैं। पुलिस ने इनकी संपत्ति जब्त कर केस को मुंबई सफेमा कोर्ट भेजा है। पढ़ें पूरी खबर…

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GRP के एंटी क्राइम टीम में शामिल थे सभी आरक्षक।

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छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में ट्रेनों में गांजा तस्करी के मामले में GRP के एंटी क्राइम यूनिट के चार आरक्षकों को बर्खास्त किया गया है। DGP की ATS टीम ने 250 ट्रेनों में रेकी के बाद चारों को पकड़ा था। जेल में बंद आरक्षक मन्नू प्रजापति, सौरभ नागवंशी, संतोष राठौर और लक्ष्मण गाइन पर पद का दुरुपयोग करने के आरोप में कार्रवाई की गई है। गांजा तस्करों से मिलकर ये अवैध कारोबार करने लगे थे। पढ़ें पूरी खबर…

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