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बलरामपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) अवध प्रांत की ओर से मंगलवार को ‘क्षितिजा युवती सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। सम्मेलन में जिले भर से 500 से अधिक छात्राओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम में युवतियों को शिक्षा, आत्मनिर्भरता, संस्कार और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम का समापन लगभग दोपहर 2:15 बजे हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री एवं अल्पसंख्यक आयोग सदस्य नेहा खान, आरएसएस की कार्यवाहिका नेहा भारद्वाज, प्रांत कार्यकारिणी सदस्य शिवांगी दुबे, इकाई उपाध्यक्ष रक्षिता मिश्रा और नगर अध्यक्ष मुन्नू तिवारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। प्रांत कार्यकारिणी सदस्य शिवांगी दुबे ने सम्मेलन की प्रस्तावना रखी। नेहा खान ने कहा कि आज की युवतियों के लिए शिक्षा के साथ आत्मनिर्भरता भी जरूरी है। सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेकर बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकती हैं। उन्होंने कहा कि आज की नारी अब अबला नहीं, बल्कि सबला है। अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि एबीवीपी से जुड़ाव ने उनके जीवन को नई दिशा दी और संगठन के माध्यम से उन्हें आगे बढ़ने के अवसर मिले। मुख्य वक्ता नेहा भारद्वाज ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को सदैव शक्ति का प्रतीक माना गया है। ‘क्षितिजा’ का अर्थ ही क्षितिज को छूने वाली है। उन्होंने युवतियों से आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कारों को बनाए रखते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “जब युवती सशक्त होगी, तभी राष्ट्र सशक्त होगा।”सम्मेलन में सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी समां बांधा। तपस्या, शिखा पांडेय और अंशिका उपाध्याय की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। कार्यक्रम का मंच संचालन विभाग छात्रा प्रमुख कीर्ति उपाध्याय ने किया। समापन वंदे मातरम् के साथ हुआ।इस अवसर पर नगर जिला प्रमुख डॉ. अनुज सिंह, नगर अध्यक्ष आलोक शुक्ला सहित एबीवीपी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।
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एबीवीपी के युवती सम्मेलन में 500 से अधिक छात्राएं पहुंचीं:शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर जोर, राष्ट्र निर्माण में भूमिका पर चर्चा
