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आनंदपुर साहिब से जुड़े विवादित मामले में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चार सदस्यीय सब-कमेटी की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक कर दी है। धामी ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर आधी-अधूरी जानकारी फैलाक
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3 बड़े दावे और खुलासे:
1. छह महीने लगातार रहने का दावा फर्जी: 15 दिनों में तैयार रिपोर्ट के मुताबिक, संबंधित महिला लगातार छह महीने एक ही सराय में नहीं रुकी। वह अलग-अलग तारीखों में तख्त श्री केसगढ़ साहिब, गुरुद्वारा अंब साहिब और गुरु अर्जन देव निवास में ठहरी थी।
2. सराय के रजिस्टर में काट छांट: धामी ने रजिस्टर की प्रतियां दिखाते हुए दावा किया कि एंट्री नंबर 246 के बाद रिकॉर्ड में काट-छांट की गई है। एंट्री नंबर 247 से 281 के बीच फर्जी लाइनें जोड़ी गईं और लिखावट भी बदली हुई है।
3. निष्पक्ष CBI जांच की मांग: रिकॉर्ड से छेड़छाड़ और संस्था को बदनाम करने की साजिश को देखते हुए SGPC चीफ ने मामले की स्वतंत्र CBI जांच कराने की मांग रखी है।
‘विदेशों में फंड भेजने और गलत इस्तेमाल के आरोप बेबुनियाद’
धामी ने संस्था के फंड का दुरुपयोग करने और विदेशों में पैसा भेजने जैसे सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया। उन्होंने कहा कि SGPC का धर्म प्रचार और जनकल्याणकारी फंड पूरी पारदर्शिता और सख्त नियमों के तहत ही खर्च किया जाता है।
