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झज्जर में पानी की किल्लत को लेकर करीब 9 साल पहले मातनहेल गांव में हुए प्रदर्शन से जुड़ा मामला आखिरकार अदालत में समाप्त हो गया। वर्ष 2017 में सार्वजनिक रास्ता बाधित करने के आरोप में दर्ज इस केस में आरोपी रतन सिंह ने सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद सीजेएम अदालत ने उसे दोषी ठहराते हुए कुल 600 रुपए का जुर्माना लगाया। आरोपी ने अदालत में ही जुर्माने की राशि जमा कर दी। पानी की समस्या को लेकर सड़क पर उतरे थे ग्रामीण मामला 22 अगस्त 2017 का है। मातनहेल गांव में पानी की भारी किल्लत को लेकर ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर रोड जाम किया था। इस दौरान ग्रामीणों ने मातनहेल के Y-पॉइंट पर सड़क पर पत्थर डालने के साथ कुछ मोटरसाइकिलें आड़ी-तिरछी खड़ी कर दी थीं। इससे वाहनों और पैदल लोगों के आवागमन में बाधा उत्पन्न होने की बात सामने आई थी। सूचना मिलने पर जन स्वास्थ्य विभाग के जेई जय भगवान, एक्सईएन जगदीश चंदर और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों और पुलिस ने ग्रामीणों को समझाया, जिसके बाद रास्ता खुलवाया गया। जेई की शिकायत पर दर्ज हुई थी FIR मामले में जन स्वास्थ्य विभाग के जेई जय भगवान की शिकायत पर साल्हावास थाना में FIR नंबर 221 दर्ज की गई थी। पुलिस ने रतन सिंह सहित अन्य ग्रामीणों के खिलाफ चालान अदालत में पेश किया। मामले में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 147, 283, 341 और 149 के तहत कार्रवाई की गई थी। केस CHI-66-2018 के रूप में झज्जर की सीजेएम अदालत में विचाराधीन रहा। 9 साल बाद अदालत में कबूला अपराध लंबे समय तक चले ट्रायल के बाद सुनवाई के दौरान आरोपी रतन सिंह ने अदालत के समक्ष बिना किसी दबाव के स्वेच्छा से अपना अपराध स्वीकार कर लिया। अदालत ने उसके बयान को रिकॉर्ड करते हुए मामले में आगे की कार्रवाई की। सीजेएम डॉ. मोनिका खनगवाल ने माना कि आरोपी द्वारा स्वेच्छा से अपराध स्वीकार किए जाने से न्यायालय का समय और ऊर्जा बची। तीन धाराओं में 200-200 जुर्माना अदालत ने आरोपी को संबंधित धाराओं में दोषी ठहराते हुए धारा 283, 341 और 147 के तहत 200-200 रुपए, यानी कुल 600 रुपए का जुर्माना लगाया। अदालत के आदेश के अनुसार जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में 15 दिन के साधारण कारावास का प्रावधान रखा गया था। आरोपी ने मौके पर ही 600 रुपए जमा कर दिए और रसीद प्राप्त कर ली।
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झज्जर 9 साल चला जाम का केस,आखिर में कबूला जुर्म:₹600 जुर्माने के साथ मामला खत्म,कोर्ट में आरोपी ने स्वेच्छा से अपराध स्वीकार किया
