![]()
गोंडा में घाघरा नदी का जलस्तर पिछले 36 घंटे से तेजी से बढ़ रहा है। शुक्रवार सुबह 9 बजे एल्गिन ब्रिज पर नदी खतरे के निशान से महज 57 सेंटीमीटर नीचे बह रही थी। पिछले 24 घंटे में जलस्तर 7 सेंटीमीटर बढ़ा है। गिरजा, शारदा, सरयू और सुहेली बैराज से कुल 1,58,485 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, फिलहाल नदी का जलस्तर स्थिर है। नदी का जलस्तर बढ़ने से तटीय इलाकों में कटान तेज हो गई है। साखीपुर, चहलवा और दत्तनगर के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वहीं, बाढ़ से प्रभावित ब्योन्दा माझा गांव में करीब 2,000 की आबादी को अब भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 10 से अधिक तटीय गांवों पर मंडराया बाढ़ का खतरा घाघरा का जलस्तर बढ़ने से एक बार फिर 10 से अधिक तटीय गांवों के लोगों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। जिला प्रशासन के अनुसार, करीब पांच गांवों की 4,000 आबादी आंशिक रूप से प्रभावित है। इन लोगों को लंच पैकेट और बाढ़ राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। ये गांव नदी के किनारे बसे हैं। जलस्तर कम होने के बाद ही इनके बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से बाहर आने की स्थिति स्पष्ट होगी। मुख्य मार्गों पर भरा पानी, नाव से आ-जा रहे लोग तरबगंज और कर्नलगंज तहसील क्षेत्रों के कई गांवों के मुख्य मार्गों पर पानी भर गया है। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। निचले इलाकों में रहने वाले लोग एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने के लिए नावों का सहारा ले रहे हैं। प्रशासन की जलस्तर पर नजर गोंडा के जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि बाढ़ से प्रभावित कई गांवों में स्थिति सामान्य हुई है, हालांकि कुछ आबादी अब भी प्रभावित है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय जल आयोग के अनुसार नदी का जलस्तर फिलहाल स्थिर है। प्रशासन की नदी के जलस्तर पर लगातार नजर है और तटबंध सुरक्षित हैं।
Source link
घाघरा नदी में छोड़ा गया 1.58 लाख क्यूसेक पानी:गोंडा में 24 घंटे में 7 सेंटीमीटर बढ़ा जलस्तर, 10 गांवों पर बाढ़ का खतरा
