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पठानकोट में बेमौसमी बारिश ने बिगाड़ा रामलीला का रंग:सुबह 10 बजे से भारी बारिश जारी, भीगा सारा सामान; मंचन पर संकट




पठानकोट शहर और आसपास के इलाकों में रविवार सुबह से हो रही बेमौसम बारिश ने रामलीला आयोजकों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। कई स्थानों पर शनिवार से ही शहर में रामलीला का मंचन शुरू हुआ था और आज दूसरी रात्रि का मंचन होना था, जबकि कई प्रमुख स्थानों पर आज से ही रामलीला की शुरुआत होनी थी। हालांकि, सुबह करीब 10 बजे से जारी मूसलाधार बारिश के कारण खुले मैदानों में सजाए गए रामलीला के मंच और पंडाल पूरी तरह प्रभावित हो गए हैं। तेज बारिश और हवा के तेज झोकों ने पंडाल को खराब कर दिया है। आयोजकों में संशय है कि अगर रात तक बरसात जारी रही तो आज का मंचन रुक जाएगा। शहर के प्रताप नगर में आयोजित महेश्वर नाटक क्लब के वरिष्ठ सदस्य मुकेश कुमार, लक्ष्मी कला मंदिर के प्रधान राज कुमार काका और उमेश्वर कला केंद्र के वरिष्ठ सदस्य सतीश कुमार ने बताया कि रामलीला का मंच तैयार करने में 6-7 दिन से लगे थे। लेकिन, बारिश ने सारी तैयारियों पर पानी फेर दिया। वहीं, मौसम विभाग ने पठानकोट सहित गुरदासपुर, बरनाला, जालंधर, कपूरथला, संगरूर, पटियाला, मलेरकोटला, एसबीएस नगर में अगले 24 घंटों तक तेज बरसात के साथ 50-60 किमी. की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया है। भीगा रामलीला का सामान, तैयारियों पर फिरा पानी अचानक शुरू हुई तेज बारिश के चलते शहर की विभिन्न रामलीला कमेटियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। बारिश के पानी से रामलीला मंचन के लिए रखा गया महंगा साउंड सिस्टम, स्टेज के पर्दे, इलेक्ट्रॉनिक लाइटें, वेशभूषा (कॉस्ट्यूम) और दर्शकों के बैठने के लिए लगाई गई कुर्सियां पूरी तरह से भीग गईं। कई जगहों पर पंडालों और मैदानों में जलभराव हो गया है, जिससे आयोजकों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। आज की लीला के मंचन पर संशय महेश्वर नाटक क्लब में शनिवार रात से शुरू हुई रामलीला की दूसरी रात्रि को लेकर कलाकारों और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह था, वहीं जिन स्थानों पर आज से मंचन की शुरुआत होनी थी, वहां भी तैयारियां अंतिम चरण में थीं। लेकिन लगातार हो रही बारिश ने सभी तैयारियों पर पानी फेर दिया है। कमेटियों के सदस्यों का कहना है कि मैदानों में पानी भरने और इलेक्ट्रॉनिक सामान व कपड़े भीगने के कारण आज शाम का मंचन कर पाना बेहद चुनौतीपूर्ण लग रहा है। यदि शाम तक बारिश रुक भी जाती है, तो भी व्यवस्था को दोबारा सुचारू करने में काफी समय लगेगा।



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