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बांदा के पंडरी गांव के ग्रामीण अपनी बिजली समस्या को लेकर एक बार फिर जिला मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल समाधान की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि उनके गांव में वर्षों से बिजली व्यवस्था बदहाल है, जिससे हजारों की आबादी को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण बालगोपाल तिवारी ने बताया कि गांव की आबादी लगभग 5 से 6 हजार है। पूरे गांव में मात्र 100 केवीए का एक ट्रांसफार्मर लगा है, जिस पर करीब 400 से 500 बिजली कनेक्शन जुड़े हैं। अत्यधिक भार के कारण ट्रांसफार्मर अक्सर खराब हो जाता है और गांव में नियमित बिजली आपूर्ति नहीं हो पाती। बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी हो रही ग्रामीणों के अनुसार, लंबे समय से चले आ रहे बिजली संकट के कारण भीषण गर्मी में लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। रात में अंधेरा और मच्छरों के प्रकोप से बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। उनका दावा है कि गांव में मलेरिया जैसी बीमारियां फैल रही हैं, जिससे छोटे बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। बालगोपाल तिवारी ने यह भी बताया कि इससे पहले 22 मई को भी ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर समस्या से अवगत कराया था। उस समय एक सप्ताह के भीतर व्यवस्था में सुधार का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी कारण ग्रामीण दोबारा जिला मुख्यालय पहुंचे हैं। ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि गांव में अतिरिक्त क्षमता का नया ट्रांसफार्मर लगाया जाए या मौजूदा 100 केवीए ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाई जाए। इससे ओवरलोड की समस्या समाप्त होगी और गांव को नियमित बिजली आपूर्ति मिल सकेगी। अब ग्रामीणों की नजर जिला प्रशासन और बिजली विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी है।
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बांदा के पंडरी गांव में बिजली संकट:ग्रामीण डीएम से मिले, ट्रांसफार्मर बढ़ाने की मांग की
