15 नवंबर से 15 फरवरी तक खरीदी और 18 घंटे बिजली देने की मांग
बेमेतरा में किसानों की विभिन्न समस्याओं और 12 सूत्रीय मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ ने गुरुवार को किसान अधिकार आंदोलन किया। संघ के आह्वान पर बड़ी संख्या में किसान पैदल मार्च करते हुए कलेक्टोरेट पहुंचे। यहां किसानों ने प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम
.
किसान संघ ने वर्ष 2022-23 की धान खरीदी की करीब 1700 करोड़ रुपए की बकाया राशि किसानों को तत्काल देने की मांग की। इसके साथ ही धान का समर्थन मूल्य 3100 रुपए प्रति क्विंटल में हर साल होने वाली बढ़ोतरी जोड़कर भुगतान करने की मांग रखी गई।
किसानों ने धान खरीदी की अवधि 15 नवंबर से 15 फरवरी तक करने और प्रति टोकन अधिकतम 40 क्विंटल 700 ग्राम धान खरीदी का आदेश जारी करने की मांग भी की।

बारिश से फसल नुकसान का सर्वे और मुआवजा
हाल ही में हुई बारिश और बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान का तत्काल सर्वे कराने की मांग की गई। किसान संघ ने प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की बात कही। इसके अलावा धान खरीदी में टोकन व्यवस्था में सुधार की मांग रखते हुए बड़े किसानों को 5, लघु किसानों को 3 और सीमांत किसानों को 2 टोकन देने की मांग की गई।

रात में बिजली कटौती पर आपत्ति
किसानों ने अटल ज्योति योजना के तहत रात 8 बजे से रात 2 बजे तक होने वाली बिजली कटौती पर भी आपत्ति जताई। संघ ने किसानों को 18 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने की मांग की।
इसके साथ ही सिंचाई परियोजनाओं को गति देने, बिजली विभाग के निजीकरण पर रोक, खाद की अधिक कीमत पर बिक्री रोकने और यूरिया-डीएपी की कालाबाजारी करने वाले दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई।

प्रति गाय 50 रुपए देने की मांग
भारतीय किसान संघ के विद्यानंद ठाकुर ने बताया कि 12 सूत्रीय मांगों को लेकर पूरे प्रदेश में ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं। उन्होंने गौवंदन योजना के तहत किसानों को प्रति गाय 50 रुपए, धान का उचित मूल्य बढ़ाने, धान खरीदी अवधि 15 नवंबर से 15 फरवरी तक करने और खाद की कालाबाजारी रोकने की मांग रखी।
वहीं संघ की अदिति कश्यप ने कहा कि किसानों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उन्हें गोपालन के लिए प्रोत्साहित किया जाना जरूरी है। इसी को लेकर संघ ने गौवंदन योजना के तहत किसानों को प्रति गाय 50 रुपए देने की मांग शासन के सामने रखी है।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
किसान संघ ने कहा कि किसानों की समस्याओं और मांगों पर जल्द कार्रवाई जरूरी है। संघ ने चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।
