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सुल्तानपुर की अमहट मंडी में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) के औचक निरीक्षण के एक दिन बाद भी जाम, अतिक्रमण, गंदगी और पेयजल जैसी समस्याओं में कोई सुधार नहीं हुआ। व्यापारियों ने मंडी प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए जल्द व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है। सुबह चार बजे से संचालित होने वाली मंडी में जाम, अतिक्रमण और गंदगी की समस्या पहले की तरह बनी रही, जिससे व्यापारियों में नाराजगी है। व्यापारियों का कहना है कि मंडी परिसर में जगह-जगह अतिक्रमण होने के कारण प्रतिदिन जाम की स्थिति बनी रहती है। इसके अलावा सफाई व्यवस्था भी बेहद खराब है। मंडी में पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं होने से भी व्यापारियों और किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि पेयजल नंबर-2 पर पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध नहीं है, जबकि पेयजल नंबर-3 कई महीनों से खराब पड़ा है। गुरुवार को निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने मंडी समिति प्रभारी अखिलेश सिंह को सफाई व्यवस्था तत्काल सुधारने के निर्देश दिए थे और इसकी जिम्मेदारी भी तय की थी। हालांकि, निर्देशों के 24 घंटे बाद भी जमीनी स्तर पर कोई बदलाव नजर नहीं आया। सूत्रों के अनुसार, मंडी प्रभारी अखिलेश सिंह एक साथ तीन मंडियों का प्रभार संभाल रहे हैं। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि मंडी समिति में कुछ अधिकारी पदोन्नति के बाद भी वर्षों से यहीं तैनात हैं। उनका दावा है कि इसी कारण सफाई एजेंसी का टेंडर पिछले पांच महीने से नहीं हो सका और फिलहाल सफाई कार्य अस्थायी व्यवस्था के तहत कराया जा रहा है। व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि अतिक्रमण हटाने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। व्यापारियों का कहना है कि यदि जल्द ही समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो मंडी की व्यवस्थाओं को लेकर उनका विरोध और तेज हो सकता है। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि सीडीओ के निर्देशों के बाद प्रशासन क्या ठोस कदम उठाता है।
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CDO के निरीक्षण के बाद भी अमहट-मंडी की व्यवस्था बदहाल:सुल्तानपुर में जाम, अतिक्रमण और गंदगी से व्यापारियों में आक्रोश
