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Dating App Scam Explained; Fake Profile Signs


2 घंटे पहलेलेखक: अदिति ओझा

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सवाल– मैं 29 साल की अविवाहित महिला हूं। पिछले कुछ महीनों से शादी के लिए एक डेटिंग ऐप यूज कर रही हूं। कुछ लोगों से बात हुई, लेकिन ज्यादातर अनुभव अच्छे नहीं रहे। पता चला कि लोग यहां अपनी नौकरी और उम्र के बारे में झूठ बोल रहे हैं। एक व्यक्ति से एक महीने बात हुई, लेकिन जब मैंने वीडियो कॉल करने को कहा तो वह टालने लगा। बाद में मुझसे पैसे भी मांगे।

मैं समझ नहीं पा रही हूं कि डेटिंग ऐप्स पर भरोसा कैसे करूं? कैसे पहचानूं कि व्यक्ति ईमानदार है या नहीं?

एक्सपर्ट– डॉ. जया सुकुल, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, नोएडा

सवाल पूछने के लिए शुक्रिया। ऑनलाइन डेटिंग अब शादी के लिए पार्टनर खोजने का एक सामान्य तरीका बन चुकी है। कई बार यहां लोगों को अच्छे रिश्ते मिलते भी हैं। लेकिन फर्जी प्रोफाइल, गलत जानकारी, कैटफिशिंग और आर्थिक ठगी के मामले भी लगातार सामने आते हैं।

इसलिए सवाल यह नहीं है कि डेटिंग ऐप भरोसेमंद है या नहीं, बल्कि यह है कि क्या सामने वाला व्यक्ति भरोसेमंद है या नहीं? हम इस बात की पहचान कैसे करें?

रिश्ते की शुुरुआत सच से

किसी भी रिश्ते की शुरुआत आकर्षण से हो सकती है, लेकिन उसे आगे बढ़ाने से पहले सच और ईमानदारी जरूरी है। ईमानदार व्यक्ति धीरे-धीरे खुलता है, जबकि धोखा देने वाला अक्सर भावनाओं का इस्तेमाल करके जल्दी भरोसा जीतने की कोशिश करता है।

आपका अनुभव असामान्य नहीं है। कई लोग डेटिंग ऐप पर अपनी उम्र, नौकरी, वैवाहिक स्थिति या आर्थिक स्थिति के बारे में गलत जानकारी देते हैं। कुछ लोग केवल समय बिताने आते हैं, जबकि कुछ का उद्देश्य भावनात्मक या आर्थिक फायदा उठाना होता है।

इसका मतलब यह नहीं कि हर व्यक्ति गलत ही है। लेकिन ऑनलाइन रिश्तों में सीधे भरोसा करना नहीं होता, भरोसा कमाना होता है।

डेटिंग एप पर खतरे के संकेत

शुरुआत में किसी की बातों से ज्यादा उसके व्यवहार पर ध्यान दें। अगर व्यक्ति लगातार बातें बदलता है, वीडियो कॉल से बचता है, मिलने के लिए तैयार नहीं होता या जल्द ही पैसों या निजी मदद की बात करने लगता है, तो यह गंभीर चेतावनी है।

रिश्ता आगे बढ़ाने से पहले कुछ बुनियादी बातें जरूर जांचें। यदि सामने वाला व्यक्ति सच बोल रहा है, तो उसे मिलने या वीडियो कॉल पर बात करने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।

ये सब बेसिक संकेत हैं। ऑनलाइन डेटिंग में ज्यादा बेनिफिट ऑफ डाउट नहीं देना चाहिए। खतरे का एक भी संकेत दिखे तो उससे तुरंत कट–ऑफ कर लेना चाहिए।

सामने वाले की ईमानदारी कैसे परखें?

सिर्फ प्रोफाइल देखकर कोई निष्कर्ष न निकालें। बातचीत के दौरान देखें कि उसकी बातें समय के साथ एक जैसी रहती हैं या बदलती रहती हैं। उसके काम, परिवार और भविष्य की योजनाओं के बारे में अलग-अलग समय पर पूछे गए सवालों के जवाब मेल खाते हैं या नहीं।

कुछ समय बाद वीडियो कॉल का सुझाव दें। यदि वह बिना किसी ठोस कारण के लगातार मना कर रहा है, तो सावधान रहें। पहली मुलाकात हमेशा सार्वजनिक जगह पर करें और अपने किसी भरोसेमंद व्यक्ति को इसकी जानकारी जरूर दें।

व्यक्ति के सोशल मीडिया प्रोफाइल देखें। जरूरी नहीं कि हर कोई ऑनलाइन बहुत ज्यादा एक्टिव हो, लेकिन अगर कोई व्यक्ति किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नहीं है तो सतर्क हो जाएं। ये अच्छा संकेत नहीं है।

सबसे बड़ा रेड फ्लैग: पैसे मांगना

ऑनलाइन रिश्तों में आर्थिक ठगी तेजी से बढ़ रही है। ठग पहले भरोसा जीतते हैं। फिर किसी बीमारी, दुर्घटना, बिजनेस, टिकट, निवेश या बैंक संबंधी समस्या का बहाना बनाकर पैसे मांगते हैं।

याद रखें, जिस व्यक्ति से आपकी कभी मुलाकात तक नहीं हुई, उसे पैसे भेजना बहुत बड़ा जोखिम है। अगर मुलाकात हुई भी है, तो भी ऑनलाइन डेटिंग एप से चंद मुलाकातों में पैसे मांगना एक रेड फ्लैग है। यदि व्यक्ति कहे कि वह बाद में पैसे लौटा देगा या यह सिर्फ छोटी-सी मदद है, तब भी पैसे न भेजें।

क्या बहुत जल्दी प्यार जताना भी खतरे का संकेत है?

कई बार हां। इसे मनोविज्ञान में लव बॉम्बिंग कहते हैं। इसमें व्यक्ति शुरुआत में जरूरत से ज्यादा तारीफ और भविष्य के वादे करता है ताकि सामने वाला जल्दी भावनात्मक रूप से जुड़ जाए।

जल्दी व्यक्त किया गया हर प्यार गलत नहीं हो जरूरी नहीं, लेकिन अगर इसके साथ नियंत्रण, दबाव या आर्थिक मांग जुड़ने लगे तो सावधान हो जाएं।

क्या नौकरी और उम्र की जांच करना गलत है?

बिल्कुल नहीं। शादी के उद्देश्य से रिश्ता देख रहे हैं तो यह सामान्य और जिम्मेदार व्यवहार है। आप विनम्रता से ये सवाल पूछ सकती हैं—

  • आपका ऑफिस किस एरिया में है?
  • काम का शेड्यूल कैसा रहता है?
  • परिवार में कौन-कौन है?
  • भविष्य की क्या योजना है?

यदि जवाब बार-बार बदलते हों या व्यक्ति इन सवालों पर नाराज या असहज हो तो यह भी चेतावनी हो सकती है।

ऑनलाइन रिश्ता तभी सुरक्षित बनता है, जब भावनाओं के साथ विवेक भी बना रहे। भरोसा करने से पहले व्यक्ति के व्यवहार, निरंतरता और पारदर्शिता को समय दें।

इसके अलावा किसी से पहली बार मिलते हुए अपने सेफ्टी के कुछ बेसिक नियमों का ध्यान जरूर रखें, जैसेकि–

अगर सामने वाला अच्छा लगे तो भी जल्दबाजी नहीं

भरोसा कायम होने में वक्त लगता है। इसलिए किसी भी तरह की जल्दी न करें। वक्त लें और रिश्ते को परखें। अलग-अलग परिस्थितियों में उसे देखें।

  • क्या वह आपकी सीमाओं का सम्मान करता है?
  • क्या वह ‘ना’ सुन सकता है?
  • क्या वह आपकी निजता सुरक्षित रखता है?
  • क्या उसके शब्द और व्यवहार एक जैसे हैं?

यदि इन सवालों का जवाब लगातार ‘हां’ है, तो रिश्ता आगे बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है।

अंतिम बात

डेटिंग ऐप केवल एक माध्यम है, रिश्ते की गारंटी नहीं। किसी व्यक्ति की ईमानदारी उसके शब्दों से नहीं, बल्कि उसके लगातार दिखने वाले व्यवहार से समझ में आती है। शादी जैसे महत्वपूर्ण फैसले में आकर्षण से ज्यादा महत्व सच, पारदर्शिता, सम्मान और धैर्य का है। इसलिए–

  • जल्दबाजी न करें।
  • आंख–कान खुले रखें।
  • रेड फ्लैग्स को इग्नोर न करें।
  • मन में संदेह हो, तो उसे दबाएं नहीं, वक्त लें।
  • हर फैसला धैर्य से सोच–समझकर, खूब समय लेकर करें।

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