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Dhamtari CRPF Brothers Homecoming | Grand Welcome Rally in Chhattisgarh


छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में दो सगे भाइयों ने मेहनत के दम पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में चयनित होकर गांव का नाम रोशन किया है। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद पहली बार गांव लौटने पर ग्रामीणों ने दोनों भाइयों का जोरदार स्वागत किया।

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तिरंगा रैली निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण मोटरसाइकिलों के साथ शामिल हुए। डीजे की धुन पर लोग देशभक्ति के गीतों पर नाचते-झूमते नजर आए।

फूलों से सजी गाड़ियों में निकली रैली

मामला मगरलोड क्षेत्र के दुधवारा गांव का है। यहां पवन नेताम (22) और नकुल नेताम (19) का एक साथ CRPF में चयन हुआ है। ट्रेनिंग पूरी कर गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने दोनों को फूलों से सजी दो गाड़ियों में बैठाकर पूरे गांव में घुमाया। जगह-जगह आरती उतारी गई और तिलक लगाकर स्वागत किया गया।

रैली में मोटरसाइकिलों पर तिरंगे लगाए गए थे। ग्रामीण ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाते हुए मगरलोड से दुधवारा पहुंचे।

माता-पिता ने आरती उतारकर दिया आशीर्वाद

घर पहुंचने पर दोनों भाइयों के माता-पिता ने आरती उतारी और उन्हें आशीर्वाद दिया। परिवार और ग्रामीणों के लिए यह पल भावुक और गर्व से भरा रहा।

पिता के साथ करते थे कुली-मिस्त्री का काम

पवन और नकुल राजाराम नेताम के बेटे हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। दोनों भाई अपने पिता के साथ कुली और मिस्त्री का काम करते थे। दूसरों के मकान बनाने में सीमेंट-ईंट पहुंचाने और निर्माण कार्य में मदद करने के साथ वे सेना में भर्ती की तैयारी भी करते रहे।

सुबह दौड़, दिन में मजदूरी और शाम को तैयारी

दोनों भाई रोज सुबह करीब 5 बजे उठकर 5 किलोमीटर दौड़ लगाते थे। इसके बाद पढ़ाई करते और सुबह 9-10 बजे मिस्त्री के काम पर चले जाते थे। शाम को घर लौटने के बाद फिर से भर्ती की तैयारी में जुट जाते थे।

दो साल की मेहनत के बाद मिली सफलता

दोनों भाइयों ने करीब दो साल तक इसी तरह मेहनत की। चेन्नई में ट्रेनिंग का पहला चरण पूरा करने के बाद सितंबर में जब वे गांव लौटे, तो मगरलोड से दुधवारा तक करीब 7 किलोमीटर की तिरंगा यात्रा निकालकर ग्रामीणों ने उनका सम्मान किया।



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