Headlines

Flydubai Flight Cockpit Attack | Israel Dubai Flight Emergency Landing


दुबई12 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

दुबई से इजराइल जा रहे फ्लाईदुबई के विमान को बचाने वाले दो पायलटों के नाम अभी सामने नहीं आए हैं। कॉकपिट में को-पायलट ने कैप्टन पर हमला किया तो विमान तेजी से नीचे जाने लगा। इसी दौरान विमान में मौजूद दोनों पायलट कॉकपिट में पहुंचे और विमान संभाल लिया।

AP के मुताबिक, विमान का कंट्रोल लेने के बाद भी दोनों पायलटों ने कुछ देर तक यात्रियों से बात नहीं की। इससे यात्री और डर गए। उन्हें पता नहीं था कि कॉकपिट में कौन है और विमान को कहां ले जाया जा रहा है। कुछ यात्रियों को डर था कि कहीं विमान को हाईजैक करके ईरान न ले जाया जाए।

करीब 45 मिनट बाद पायलटों ने बताया कि विमान को सऊदी अरब के तबुक में उतारा जाएगा और सब ठीक है। इसके बाद यात्रियों को भरोसा हुआ। फ्लाईदुबई ने अभी दोनों पायलटों के नाम नहीं बताए हैं। एयरलाइन ने सिर्फ इतना कहा है कि दोनों क्रू मेंबर थे और उस समय विमान में सफर कर रहे थे।

कैप्टन पर हमला होते ही मची अफरा-तफरी

विमान में आगे बैठे यात्री डेनियल श्लिक्टर ने AP को बताया कि कॉकपिट से चीख-पुकार सुनकर यात्रियों को पता चला कि वहां कुछ गंभीर हुआ है। उनके मुताबिक, को-पायलट कैप्टन पर लगातार हमला कर रहा था।

कैप्टन बुरी तरह घायल हो गए थे और कॉकपिट में खून फैल गया था। इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। एक यात्री ने को-पायलट को पकड़कर बाहर खींच लिया, जबकि बाकी यात्री उसे काबू करने लगे।

इसी दौरान एक अतिरिक्त पायलट तेजी से कॉकपिट में पहुंचा और कंट्रोल संभाल लिया। श्लिक्टर के मुताबिक, कुछ ही देर बाद दूसरा पायलट भी अंदर पहुंच गया। दोनों ने दरवाजा बंद कर लिया।

सऊदी में विमान के लैंड होने के बाद कैप्टन स्मित को इलाज के लिए ले जाया गया।

सऊदी में विमान के लैंड होने के बाद कैप्टन स्मित को इलाज के लिए ले जाया गया।

विमान को वापस दुबई ले जाने के लिए मौजूद थे दोनों पायलट

शुरुआत में यात्रियों को पता नहीं था कि ये दोनों पायलट विमान में क्यों मौजूद थे। बाद में पता चला कि उन्हें तेल अवीव से दुबई लौटने वाली फ्लाइट उड़ानी थी। इसलिए वे पहले से विमान में सफर कर रहे थे।

एविएशन में ड्यूटी के लिए किसी दूसरी जगह जाने वाले पायलट की इस तरह की यात्रा को ‘डेडहेडिंग’ कहा जाता है। यानी उस वक्त दोनों पायलट यात्री की तरह सफर कर रहे थे, लेकिन इमरजेंसी आते ही उन्होंने कॉकपिट में पहुंचकर विमान संभाल लिया।

विमान संभालने में 10 मिनट से ज्यादा लगे

दोनों पायलटों के कॉकपिट में पहुंचने के बाद विमान को स्थिर करने में करीब 10 मिनट या उससे ज्यादा समय लगा। इससे पहले विमान इतनी तेजी से नीचे आया था कि उसके रडर का एक हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया था।

पायलटों ने मे-डे कॉल किया और सुरक्षित लैंडिंग के लिए जगह तलाशनी शुरू की। बाद में विमान को सऊदी अरब के तबुक में उतार दिया गया।

यात्री ने कहा- दोनों ने हीरो की तरह काम किया

विमान के सुरक्षित उतरने के बाद श्लिक्टर ने दोनों पायलटों की तारीफ की। उन्होंने पूरे घटना को एक चमत्कार बताया।

उनके मुताबिक, पहले कॉकपिट में पहुंचने वाले पायलट ने बिना समय गंवाए हालात समझे और कंट्रोल संभाल लिया। श्लिक्टर ने कहा कि यात्रियों की जान बचाने में इन दोनों पायलटों की भूमिका भी बेहद अहम थी।

घटना के तीन दिन बाद भी फ्लाईदुबई ने दोनों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं। इसलिए वे अब भी इस घटना के सबसे अहम और रहस्यमयी किरदार बने हुए हैं। ——————-

ये खबर भी पढ़ें…

स्मित बोले- हमलावर ने नमाज के बहाने कुल्हाड़ी मारी:नेतन्याहू ने भारतीय पायलट को फोन किया, PM मोदी के साथ मशाल जलाने का न्योता दिया

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फ्लाईदुबई एयरलाइन के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर से करीब 6 मिनट फोन पर बात की। उन्होंने कहा- आप भारत और इजराइल के लोगों के सच्चे हीरो हैं। आप पूरी दुनिया के हीरो हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *