हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए सीएम और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर।
हिमाचल निर्माता एवं प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ.यशवंत सिंह परमार की 120वीं जयंती पर आज (मंगलवार को) जगह-जगह कार्यक्रम का आयोजित किए गए। राज्य स्तरीय सरकारी कार्यक्रम विधानसभा परिसर में हुआ। यहां पर सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू, डिप्टी सीएम मुकेश अग्न
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मुख्यमंत्री सुक्खू ने डॉ. परमार की नीतियों को सरकार की विकास योजनाओं का आधार बताया, जबकि ने नेता प्रतिपक्ष ने सरकारी कार्यक्रमों के राजनीतिकरण का आरोप लगाया। सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार डॉ. परमार की दूरदर्शी सोच को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उनकी नीतियों को लागू करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
उन्होंने कहा कि डॉ. परमार का सपना शिक्षित, समृद्ध और बेहतर संपर्क सुविधाओं वाले हिमाचल का था, जिसे वर्तमान सरकार आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि डॉ. परमार मानते थे कि हिमाचल का विकास गांवों के विकास से होगा। इसी सोच के अनुरूप सरकार प्राकृतिक खेती, स्वरोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।
उधर, नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने समारोह में डॉ. परमार को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि हिमाचल के निर्माण और पूर्ण राज्यत्व दिलाने में उनका योगदान सबसे महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि डॉ. परमार की नीतियां आज भी प्रदेश के विकास की आधारशिला हैं।

हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार की रिज पर स्थापित प्रतिमा।
जयराम ने सरकारी कार्यक्रमों के राजनीतिकरण पर सवाल उठाए
जयराम ठाकुर ने समारोह के दौरान प्रदर्शित विकास यात्रा की डॉक्यूमेंट्री पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इसमें डॉ. परमार के बाद सीधे वर्तमान सरकार के कार्यों का उल्लेख किया गया, जबकि पिछले करीब 50 वर्षों में विभिन्न मुख्यमंत्रियों के योगदान को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यक्रमों का राजनीतिकरण उचित नहीं है और ऐसे आयोजनों में सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों के योगदान को समान रूप से स्थान मिलना चाहिए।

डॉ. परमार की जयंती पर विधानसभा में प्रदर्शित उनकी कुछ पुरानी तस्वीरों को देखते हुए सीएम व अन्य।
परमार जयंती के कार्यक्रम सरकार ने सीमित किए: जयराम
जयराम ठाकुर ने यह भी कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के दौरान डॉ. परमार जयंती के कार्यक्रम बड़े स्तर पर आयोजित किए जाते थे, जबकि वर्तमान सरकार ने इन्हें सीमित कर दिया है।
उन्होंने हिमाचल के विकास के विभिन्न आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि सड़क, शिक्षा, कृषि, पेयजल, बिजली और प्रति व्यक्ति आय सहित विभिन्न क्षेत्रों में प्रदेश ने लंबी विकास यात्रा तय की है, जिसका श्रेय सभी सरकारों और नेतृत्व को जाता है।

डॉ. परमार जयंती पर पुस्तकों का विमोचन करते हुए सीएम, विधानससभा अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष।
पठानिया बोले- परमार की दूरदर्शी नीतियों के कारण शिक्षा में हिमाचल अव्वल
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने भी डॉ. परमार के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनकी दूरदर्शी नीतियों के कारण हिमाचल आज शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में शामिल है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और अन्य जनप्रतिनिधियों ने पौधरोपण किया तथा डॉ. परमार के जीवन पर आधारित प्रदर्शनी और वृत्तचित्र का अवलोकन किया।

रिज पर डॉ. परमार की प्रतिमा के समक्ष पुष्प अर्पित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल व मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा व अन्य।
कांग्रेस-भाजपा ने भी डॉ. परमार को याद किया
वहीं कांग्रेस नेताओं ने राजीव भवन शिमला और बीजेपी नेताओं ने शिमला के रिज पर प्रदेश के प्रमथ मुख्यमंत्री को पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान डॉ. परमार के योगदान को याद किया गया।

कांग्रेस ऑफिस में डॉ. परमार को श्रद्धांजलि देने को आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे कांग्रेस नेता।
