15 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा के दर्शन के लिए पहुंचते श्रद्धालु।
जोबट नगर में गणेश उत्सव को लेकर उत्साह का माहौल है। नगर के 15 वार्डों में अलग-अलग स्थानों पर गणपति बप्पा की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। आकर्षक पंडाल और रंग-बिरंगी विद्युत सजावट श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही है।
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शाम होते ही पंडालों में भीड़ बढ़ने लगती है और रात 10 बजे आरती के बाद भी करीब 2 बजे तक श्रद्धालु परिवार के साथ दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
15 वार्डों में सजे गणपति पंडाल
नगर के अलग-अलग वार्डों में गणेश समितियों ने अपनी थीम के अनुसार पंडाल तैयार किए हैं। कहीं आकर्षक विद्युत सजावट की गई है तो कहीं धार्मिक प्रसंगों पर आधारित झांकियां बनाई गई हैं। कई स्थानों पर इको फ्रेंडली गणेश प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। वहीं, बड़ी प्रतिमाएं भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।

जोबट नगर में आकर्षक पंडाल में विराजे भगवान गणेश।
15 फीट ऊंची प्रतिमा देखने पहुंच रहे लोग
इस साल नगर में करीब 15 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा भी स्थापित की गई है। प्रतिमा के दर्शन के लिए आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। शाम के समय पंडालों में परिवार के साथ आने वालों की संख्या बढ़ जाती है। बच्चों और युवाओं में भी उत्सव को लेकर खासा उत्साह नजर आ रहा है।
आरती के बाद देर रात तक प्रसादी
वार्ड क्रमांक 6 के समिति अध्यक्ष धनराज वाणी ने बताया कि अलग-अलग पंडालों में रोज प्रसादी वितरण की व्यवस्था की जा रही है। समितियों की ओर से श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न प्रकार के पकवान तैयार किए जाते हैं। रात 10 बजे आरती के बाद प्रसादी वितरण शुरू होता है, जो देर रात तक चलता है।

रंग-बिरंगी विद्युत सजावट से आकर्षक नजर आ रहा गणेश पंडाल।

गणेश पंडाल में आरती के दौरान उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़।
देर रात 2 बजे तक दर्शन का सिलसिला
आरती और प्रसादी के बाद भी श्रद्धालुओं का पंडालों में आना-जाना जारी रहता है। परिवार के साथ लोग देर रात तक गणपति बप्पा के दर्शन कर रहे हैं। समितियों के सदस्य पंडाल की व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधा और प्रसादी वितरण में जुटे हुए हैं।
पूजा-अर्चना में उमड़ रही भीड़
पुजारी निलेश उपाध्याय ने बताया कि गणेश उत्सव के दौरान भगवान गणेश की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है। श्रद्धालु श्रद्धा के साथ आरती में शामिल होकर सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। आरती के समय पंडालों में बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। इससे पूरे नगर में देर रात तक धार्मिक और उत्सवी माहौल बना हुआ है।
