रांची में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र आंदोलन बुधवार को 26वें दिन दो माह के लिए स्थगित कर दी गई। छात्रों ने झारखंड सरकार को 60 दिनों का अल्टीमेटम दिया है।
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जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के रविंद्र पासवान ने कहा- छात्रों की बची हुई मांगों को पूरा करने के लिए JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने राज्य सरकार को 2 महीने का समय देने का फैसला किया है और हम अपना विरोध-प्रदर्शन 2 महीने के लिए स्थगित कर रहे हैं।
हमारी मांग है कि सरकार हमारी सभी मांगों को 100% पूरा करें। झारखंड में होने वाली सभी परीक्षाओं में शामिल परीक्षा माफिया का पर्दाफाश करें और उन सभी परीक्षाओं को रद्द करें जो अब तक रद्द नहीं की गई हैं।

जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के रविंद्र पासवान ने कहा- हमने सरकार से 22 परीक्षाएं रद्द करवाई हैं।
‘PGD, नगर पालिका, आबकारी, कॉन्स्टेबल या फील्ड वर्कर की परीक्षा भी रद्द हो’
अगर इन दो महीनों में हमें लगा कि सरकार छात्रों के साथ नहीं है, तो दो महीने बाद फिर से विरोध-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा और वह इस विरोध-प्रदर्शन से कहीं ज्यादा जबरदस्त होगा।
उन्होंने कहा-राज्य सरकार से अपील है कि बाकी सभी परीक्षाएं रद्द कर दी जाएं – चाहे वो PGD, नगर पालिका, आबकारी, कॉन्स्टेबल या फील्ड वर्कर की परीक्षा हो। क्योंकि इन सभी परीक्षाओं में भी भ्रष्टाचार हुआ है।
रवींद्र पासवान ने कहा- छात्रों के विरोध के कारण, राज्य सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को हमारी मांगें माननी पड़ीं। मैं झारखंड के सभी छात्रों और युवाओं को परीक्षा रद्द होने का श्रेय देना चाहता हूं। आप लोगों ने अनुशासन के साथ विरोध किया और अपनी मांगें रखीं। हमने सरकार से 22 परीक्षाएं रद्द करवाई हैं। यह हम सभी के लिए एक बड़ी जीत है।
छात्र नेता कुणाल प्रताप सिंह ने कहा कि अब हम लोग जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच को रजिस्ट्रेशन भी करेंगे। कोई भी झारखंड के छात्रों का मुद्दा होगा, ये मंच उनकी आवाज बनेगी।
पद्मश्री मधु मंसूरी ने तुड़वाया अनशन
वहीं, पद्मश्री मधु मंसूरी ने अपने हाथों जूस पिलाकर भूख हड़ताल पर बैठे जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के रूपेश पाल, राहुल क्रांति और सबीता का अनशन तुड़वाया।

छात्रों ने आभार यात्रा निकाली।
इधर, शाम में जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच और छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो गुट के छात्रों ने जयपाल सिंह स्टेडिय से अभार यात्रा निकाली।
आभार यात्रा अल्बर्ट एक्का चौक पर पहुंची और छात्रों ने यहां एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाए। पटाखे भी जलाए। उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया और कहा-हम अब खुशी-खुशी अपने घर जाएंगे।

आभार यात्रा के दौरान छात्रों ने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाए।
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा-हमारा ‘सत्याग्रह’ कई दिनों तक चला और मैंने 16 दिनों तक भूख हड़ताल की। इसका नतीजा यह हुआ कि छात्रों के विरोध-प्रदर्शन को बड़ी जीत मिली। 45 परीक्षाओं पर कार्रवाई हुई और 22 परीक्षाएं रद्द कर दी गईं। यह भ्रष्टाचार पर एक बड़ा प्रहार है। पेपर माफिया और शिक्षा माफिया को खत्म किया जा रहा है।

सीजीएल के सफल अभ्यर्थियों का धरना प्रोजेक्ट भवन के बाहर जारी है।
‘कल तक हम सरकारी कर्मचारी थे आज बेरोजगार’
वहीं, JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने के बाद सीजीएल के सफल अभ्यर्थियों का धरना प्रोजेक्ट भवन के बाहर जारी है। उन्हें अपने भविष्य की चिंता सताने लगी है। उनका कहना है कि कल तक हम सरकारी कर्मचारी थे आज बेरोजगार हैं। उन्हें ऑफिस आने से रोक दिया गया है।
दरअसल, झारखंड सरकार ने 17 अगस्त को JSSC-CGL परीक्षा रद्द कर दी थी। परीक्षा एजेंसी TDPL द्वारा ली गई सभी परीक्षाओं को कैंसिल करने की घोषणा की गई। राज्य सरकार ने ये भी ऐलान किया कि साल 2014 से अब तक हुई सभी नियुक्ति परीक्षाओं की जांच कराई जाएगी।

जेएसएससी सफल कैंडिडेट्स ने मंगलवार शाम मोबाइल फ्लैश लाइट मार्च निकाला।
रात में टेंट मंगाया, लेकिन पुलिस ने लगाने से रोक दिया
प्रोजेक्ट मंत्रालय के बाहर डटे सफल अभ्यर्थियों ने बुधवार को कहा-हमने प्रशासन ने धरनास्थल की मांग की है, जहां हम सभी शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगे। जब तक JSSC-CGL रद्द करने का आदेश वापस नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
JSSC-CGL सफल उम्मीदवारों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि वे अब न्याय के लिए कोर्ट जाएंगे। उन्होंने मंगलवार की शाम प्रोजेक्ट भवन से बिरसा चौक तक मोबाइल फ्लैश लाइट मार्च निकाला।
वे तत्काल सरकार से फैसला को वापस लेने की मांग की। सड़क से लेकर कोर्ट तक लड़ाई लड़ने की बात कही है। फिर देर रात वे प्रोजेक्ट भवन के गेट के सामने धरने पर बैठ गए। अभ्यर्थियों ने देर रात टेंट मंगाया, लेकिन पुलिस ने उन्हें लगाने से रोक दिया। इससे अभ्यर्थी बारिश के बीच खुले में सड़क किनारे सो गए।
उधर, आंदोलन को देखते हुए पुलिस ने भी सुरक्षा बढ़ा दी है। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को वहां तैनात कर दिया गया है। धुर्वा थाने की पुलिस ने भी गश्त बढ़ा दी है।

रांची में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र आंदोलन स्थगित किए जाने के बाद वहां लगे टेंट को खोल दिया गया।
CM बोले- रिटायर्ड जज की देखरेख में जांच होगी
17 अगस्त की रात कैबिनेट की विशेष बैठक के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार रात परीक्षा रद्द करने की घोषणा की। कहा-
SIT और CID दोनों की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। चूंकि जांच चल रही है, इसलिए हर बात खुले तौर पर बताना संभव नहीं है। इसमें कई कंपनियों का एक जटिल और आपस में जुड़ा हुआ नेटवर्क शामिल है, जिन्होंने अलग-अलग समय पर यहां काम किया है। 2014 से लेकर अब तक आयोजित सभी परीक्षाओं की जांच CID से कराई जाएगी।


इधर, हाईकोर्ट के अधिवक्ता विनोद सिंह ने कहा कि नियुक्ति के बाद बिना अभ्यर्थियों का पक्ष सुने नौकरी रद्द करना न्याय के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार ने आठ महीने तक अभ्यर्थियों को वेतन भी दिया है। ऐसे में फैसला एकपक्षीय है। अभ्यर्थियों के सामने हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक जाने का विकल्प खुला है।

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