Headlines

Karnal Girl Yashika Selected for NASA United Space School Mission Mars


बेटी यशिका का नासा में चयन होने पर मां बेटी को मिठाई खिलाते हुए।

करनाल की बेटी यशिका मैहला ने अमेरिका में 15 दिन रहकर अंतरिक्ष विज्ञान और मंगल ग्रह से जुड़े मिशन की महत्वपूर्ण जानकारी हासिल की। टैगोर स्कूल की 11वीं कक्षा की नॉन मेडिकल छात्रा यशिका का भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए यूनाइटेड स्पेस स्कूल के कार्यक्

.

नासा में चयन होने पर अपना पत्र दिखाती यशिका।

नासा में चयन होने पर अपना पत्र दिखाती यशिका।

35 देशों से पहुंचे विद्यार्थी, टीमों में बांटकर हुआ काम यशिका ने बताया कि उसे स्कूल के शिक्षकों के माध्यम से चयन की जानकारी मिली थी। यह उसके जीवन की महत्वपूर्ण उपलब्धि रही, जिसे लेकर वह काफी उत्साहित थी। यूनाइटेड स्पेस स्कूल का यह कार्यक्रम करीब 29 साल से चल रहा है। इसमें अंतरिक्ष विज्ञान में रुचि रखने वाले 35 देशों के विद्यार्थी हिस्सा लेते हैं।

कार्यक्रम में सभी विद्यार्थियों को उनकी रुचि और भूमिका के आधार पर अलग-अलग टीमों में बांटा गया। यशिका का चयन ग्रीन टीम में हुआ और उसे ‘सभ्यता एवं मंगल ग्रह पर आवास’ की भूमिका मिली। टीम ने मंगल मिशन से जुड़े अपने प्रोजेक्ट पर काम किया। विशेषज्ञ विद्यार्थियों को प्रोजेक्ट से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर व्याख्यान भी देते थे।

अपनी सफलता की कहानी बताती याशिका।

अपनी सफलता की कहानी बताती याशिका।

कल्चर फेयर में ब्रेड पकौड़ा बनाकर पेश किया यशिका ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान अलग-अलग जगहों का भ्रमण भी कराया गया। विभिन्न देशों से आए विद्यार्थियों ने एक-दूसरे के साथ अपनी संस्कृति साझा की। पहले सप्ताह में सांस्कृतिक मेला आयोजित हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने अपने देश के लिए कहानी, संगीत और नृत्य जैसी प्रस्तुतियां दीं। खाने की चीजें भी पेश की गईं। यशिका ने भारत की ओर से ब्रेड पकौड़ा बनाया। यशिका ने कहा कि वह भविष्य में एयरोनॉटिकल इंजीनियर बनना चाहती है और बार-बार नासा जाना चाहेगी। कार्यक्रम के अंतिम दिन अंतरिक्ष यात्री स्टीवन विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र देने पहुंचे। यशिका ने कहा कि कल्पना चावला दीदी उनके लिए प्रेरणा हैं।

बेटी का नाशा में चयन होने पर मिठाई खिलाता पिता।

बेटी का नाशा में चयन होने पर मिठाई खिलाता पिता।

तीन चरणों में होता है विद्यार्थियों का चयन डॉ. पारूल ने बताया कि कार्यक्रम के लिए चयन प्रक्रिया तीन चरणों में होती है। 15 से 19 वर्ष के विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं। पहले चरण में निबंध लिखवाया जाता है और उसके अंकों के आधार पर स्क्रीनिंग होती है। इसके बाद ऑनलाइन साक्षात्कार लिया जाता है, जिसमें नासा की ओर से भी ऑनलाइन इंटरव्यू होता है। चयन के बाद विद्यार्थी अंतरिक्ष यात्री के परिवार के साथ रहते हैं और उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान की गहन जानकारी दी जाती है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *