13 घंटे पहले
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प्रदर्शनकारी अपने साथ तीन बोरे लाए थे, जिसमें कुत्ते के छोटे-छोटे बच्चे थे।
महाराष्ट्र के नासिक जिले में आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर प्रदर्शनकारियों ने अनोखा विरोध किया। युवा सेना (UBT) के कार्यकर्ता बोरियों में कुत्तों को भरकर निफाड़ नगर पंचायत के मुख्य अधिकारी धीरज भामरे के ऑफिस पहुंचे।
यहां उन्होंने बोरियां खोलकर कुत्तों को अफसर की टेबल पर छोड़ दिया। कुत्तों को टेबल पर देखकर अफसर भी चौंक गए। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर शिकायतों के बावजूद आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया और हंगामा भी किया।
घटना से जुड़ी 4 तस्वीरें…

प्रदर्शनकारी अपने साथ 3 छोटी-छोटी बोरियां लेकर ऑफिस पहुंचे और अफसर की टेबल के सामने रख दिया।

फिर एक-एक कर टेबल के ऊपर बोरियां खोलने लगे। कुत्ते को देख अफसर हैरान हो गए।

एक कुत्ते को टेबल पर रखने के बाद प्रदर्शनकारी ने दूसरी बोरी भी खोल दी। उसमें भी कुत्ते का बच्चा था।

कार्यकर्ता अपने साथ नोटों से बनी एक माला भी लेकर आए थे। हालांकि, उन्होंने अफसर को माला नहीं पहनाई।
लोगों का आरोप- कुत्तों ने कई लोगों को काटा लेकिन एक्शन नहीं
यह प्रदर्शन निफाड़ शहर और आसपास के इलाकों में बढ़ती आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर किया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कुत्तों की बढ़ती संख्या से बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं परेशान हैं। उनका दावा है कि कई लोगों को कुत्ते काट चुके हैं।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बार-बार शिकायत और ज्ञापन देने के बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कुत्तों की नसबंदी, उन्हें पकड़ने की उचित व्यवस्था और उनकी संख्या नियंत्रित करने की मांग की।
युवा सेना (UBT) के जिला प्रमुख विक्रम रांधवे ने चेतावनी दी कि दो दिन में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो महिलाओं समेत बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि कई दिनों से मुद्दा उठाने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई।
प्रदर्शन के दौरान रांधवे नोटों से बनी माला भी लेकर आए थे
ऑफिस में हंगामे के दौरान रांधवे ने अफसर की टेबल पर नोटों से बनी माला भी रखी। हालांकि, उन्हें पहनाई नहीं।
अब तक 73 कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी
वहीं निफाड़ नगर पंचायत के मुख्य अधिकारी धीरज भामरे ने बताया कि आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए टेंडर दो बार जारी किया जा चुका है।
निफाड़ नगर पंचायत ने आवारा कुत्तों की संख्या कम करने के लिए अभियान चलाया है। अब तक 73 कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है। इसके लिए दो बार टेंडर भी जारी किए गए हैं। अधिकारी धीरज भामरे ने लोगों से इस काम में सहयोग करने की अपील की है।
निफाड़ के उपजिला अस्पताल में रोजाना 5-6 लोग कुत्ते के काटने के बाद इलाज के लिए पहुंचते हैं। हर महीने 100 से ज्यादा डॉग बाइट के मामले सामने आ रहे हैं। अस्पताल में एंटी-रेबीज वैक्सीन उपलब्ध है। यह जानकारी डॉक्टर राजीव ने दी।
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