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छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज के अधिकारी-कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू करने की मांग को लेकर सोमवार को रायपुर में बड़ा प्रदर्शन हुआ। छत्तीसगढ़ विद्युत अधिकारी-कर्मचारी पुरानी पेंशन अधिकार मंच के बैनर तले 12 संगठनों ने संयुक्त रूप से महारैली और आमसभा की। इसमें प्रदेशभर से हजारों अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। महारैली में कर्मचारी हाथों में मांगों से जुड़े पोस्टर और नारे लगाते हुए पहुंचे। आमसभा में “OPS हमारा अधिकार है” और “पुरानी पेंशन पर आश्वासन नहीं, अब आदेश चाहिए” जैसे नारे लगाए गए। कर्मचारियों ने साफ कहा कि लंबे समय से चल रही मांग पर अब सिर्फ बैठक और आश्वासन नहीं, बल्कि लिखित आदेश चाहिए। 2023 में सहमति, अब तक आदेश का इंतजार कर्मचारी संगठनों का कहना है कि 6 अक्टूबर 2023 को ऊर्जा विभाग की ओर से विद्युत कंपनियों में पुरानी पेंशन लागू करने को लेकर सैद्धांतिक सहमति दी गई थी। इसके बावजूद अंतिम आदेश जारी नहीं हुआ है। मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि इस मुद्दे पर लगातार बातचीत और आश्वासन मिलते रहे हैं, लेकिन फैसला लंबित है। इससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है। उनका कहना है कि पुरानी पेंशन उनके और उनके परिवारों की सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा विषय है। 12 संगठन एक साथ, बोले- अब आंदोलन आगे बढ़ेगा महारैली में शामिल 12 संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि OPS की मांग अब किसी एक संगठन तक सीमित नहीं है। बिजली विभाग के अधिकारी-कर्मचारी प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विपरीत परिस्थितियों में काम करते हैं। ऐसे में सेवानिवृत्ति के बाद सुरक्षित भविष्य की व्यवस्था भी जरूरी है। सभा में कर्मचारियों ने हाथ उठाकर OPS लागू होने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया। सरकार और पावर कंपनी प्रबंधन से चार मांगें अधिकार मंच ने सरकार और पावर कंपनी प्रबंधन के सामने मुख्य रूप से ये मांगें रखीं— पात्र अधिकारी-कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए। 6 अक्टूबर 2023 की सैद्धांतिक सहमति को अंतिम आदेश में बदला जाए। OPS के मामले में कर्मचारियों के साथ किसी तरह का भेदभाव नहीं किया जाए। पुरानी पेंशन लागू करने की प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट और समयबद्ध निर्णय लिया जाए। 18 नवंबर को सामूहिक मास अवकाश की चेतावनी महारैली के दौरान मंच ने आंदोलन की अगली रणनीति भी घोषित की। पदाधिकारियों ने कहा कि यदि OPS लागू करने को लेकर जल्द ठोस और अंतिम आदेश जारी नहीं होता है, तो 18 नवंबर 2026 को 12 संगठनों से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी सामूहिक मास अवकाश पर रहेंगे। मंच ने इसे आंदोलन का अगला चरण बताया है। कर्मचारियों का कहना है कि 5 अक्टूबर की महारैली के बाद भी यदि फैसला नहीं होता है तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। महारैली के समापन पर कर्मचारियों ने कहा कि उनका संघर्ष किसी कृपा या उपकार के लिए नहीं, बल्कि सुरक्षित भविष्य के अधिकार के लिए है। मंच ने सरकार और पावर कंपनी प्रबंधन से जल्द निर्णय लेने की मांग की।
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OPS की मांग को लेकर बिजली कर्मचारियों की महारैली:मांग पूरी नहीं हुई तो 18 नवंबर को सामूहिक अवकाश की चेतावनी
