पलवल में मीटिंग करते कर्मचारी नेता।
पलवल में सीटू जिला कमेटी की बैठक में कर्मचारी संगठनों ने दिल्ली चलो आंदोलन की तैयारियों पर चर्चा की। बैठक में तय हुआ कि जिले के सभी कर्मचारी 1 से 3 दिसंबर तक हड़ताल कर दिल्ली जाएंगे। इससे पहले वें 4 अक्टूबर को भाजपा प्रतिनिधि को अपनी मांगों का ज्ञापन
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बैठक की अध्यक्षता सीटू जिला प्रधान रामरती चौहान ने की। इसमें आशा वर्कर्स यूनियन, मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन, ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन, ग्रामीण चौकीदार सभा और आंगनवाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स यूनियन के पदाधिकारी शामिल हुए।
बैठक में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि जिले की स्कीम वर्कर 4 अक्टूबर को प्रदर्शन करते हुए भाजपा प्रतिनिधि को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपेंगी।
कच्चे कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन 21 हजार देने की मांग
सीटू के प्रदेश महासचिव जयभगवान, सचिव सुधापाल और जिला सचिव उर्मिला रावत ने बैठक को संबोधित किया। उन्होंने प्रदेश के सभी कच्चे कर्मियों के लिए न्यूनतम वेतन 21 हजार रुपए लागू करने की मांग की। साथ ही सभी के लिए एक समान सार्वजनिक मुफ्त शिक्षा और इलाज का बेहतर इंतजाम करने की मांग भी उठाई।
यूनियन नेताओं ने मनरेगा को बहाल करने, जनता के अधिकारों की रक्षा करने और कॉरपोरेट्स पर टैक्स बढ़ाने की मांग को भी खास तौर पर उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सभी परियोजना वर्कर्स, मजदूर और अन्य कच्चे कर्मचारी 1 से 3 दिसंबर तक काम बंद कर दिल्ली जाएंगे।

पलवल में मीटिंग करते कर्मचारी नेता।
प्रदेश एवं केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध
यह आंदोलन केंद्र और प्रदेश सरकार से मजदूर विरोधी नीतियां बदलने और मजदूर व स्कीम वर्कर की मांगों का समाधान करने की मांग करेगा। आंदोलन की सफलता के लिए योजना भी तैयार की गई है।
बैठक में तय हुआ कि सभी परियोजना वर्कर्स, जिनमें आंगनवाड़ी वर्कर व हेल्पर, आशा और मिड-डे मील शामिल हैं, अपनी मांगों के लिए 4 अक्टूबर को पलवल के जनप्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपेंगी। सभी संगठन 10 अक्टूबर तक अपनी जिला स्तरीय बैठकें करके हर सदस्य तक दिल्ली चलो और हड़ताल का संदेश पहुंचाएंगे।
बैठक में किस-किस ने रखे विचार
बैठक में सीआईटीयू के नेता रमेशचंद, उदयवीर, आशा वर्कर यूनियन की जिला प्रधान जगबती डागर, सचिव सविता रावत, आंगनवाड़ी वर्कर यूनियन की जिला सचिव गीता, आशा वर्कर यूनियन के जिला प्रधान नरेश राजपूत, सतपाल व मिड-डे मील वर्कर यूनियन की जिला प्रधान सोनबती व सचिव ऊषा तथा ग्रामीण चौकीदार सभा के प्रधान ज्ञानेंद्र सिंह ने शामिल होकर अपने विचार रखे।
