सिविल अस्पताल में मेडिकल करवाने पहुंची पीड़िता।
पठानकोट के थाना शाहपुरकंडी के अधीन आते सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा के साथ स्कूल के ही एक अध्यापक द्वारा कथित तौर पर अश्लील हरकतें की। महज 11 साल की छात्रा के साथ की गई हरकत पर थाना शाहपुरकंडी पुलिस म
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पुलिस ने आरोपी कम्प्यूटर टीचर पर पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। वहीं, आरोपी कम्प्यूटर टीचर के परिवार ने सारे आरोपों को बेबुनियाद बताया। परिवार का कहना है कि साजिश के तहत कम्प्यूटर टीचर सुरजीत सिंह पर कार्रवाई की गई है। परिवार ने कहा कि पुलिस ने दर्ज पर्चा रद्द ना किया तो वे थाने के बाहर रोष प्रदर्शन करेंगे।
बीते कल स्कूल में हुआ था बवाल
बता दें, इससे पहले बीते कल छात्रा ने इस बारे जब परिजनों को बताया तो बवाल हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही पीड़िता के पारिवारिक सदस्य, गांववासी और स्थानीय लोग भारी संख्या में स्कूल पहुंचे और वहां जोरदार हंगामा किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस तुरंत हरकत में आई और माहौल को शांत कर छात्रा को मेडिकल जांच के लिए सरकारी अस्पताल ले जाया गया।

सिविल अस्पताल में मेडिकल करवाने पहुंची पीड़िता।
थाना प्रभारी ने खुद अस्पताल पहुंच करवाया मेडिकल
थाना प्रभारी मोहित टाक खुद बच्ची को लेकर अस्पताल पहुंचे। पुलिस का कहना है कि छात्रा के बयान लिए गए हैं। मेडिकल रिपोर्ट और जांच के बाद जो तथ्य सामने आएंगे, उसके मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, घटना के बाद से ही आसपास के ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर सख्त से सख्त सजा देने की गुहार लगाई है।
कंप्यूटर लैब में ले जाकर की गंदी हरकत: पीड़िता
अस्पताल में मेडिकल करवाने पहुंची पीड़िता ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि स्कूल के एक अध्यापक ने उसे जबरन कंप्यूटर लैब में बुलाया और वहां उसके साथ गलत हरकत की। जब उसने अन्य अध्यापकों से इस बारे बात की तो उल्टा टीचरों ने उसे ही डांट कर चुप करवा दिया। लेकिन, उसने ये बात अपनी माता तक पहुंचाई। परिजनों का आरोप है कि आरोपी अध्यापक ने बच्ची के साथ दुष्कर्म करने की कोशिश की, लेकिन किसी तरह मामला सामने आने पर आरोपी बच निकला।
बच्ची की बुआ बोली, बेटियां कहां सुरक्षित
बच्ची की बुआ ने बताया कि जब बच्ची ने घर आकर आपबीती बताई, तो हमारे पैरों तले जमीन खिसक गई। हम तुरंत स्कूल पहुंचे ताकि आरोपी शिक्षक से जवाब मांग सकें, लेकिन वह वहां से फरार हो चुका था। जो शिक्षक बच्चों का भविष्य संवारने के लिए जिम्मेदार हैं, वही अगर ऐसा घिनौना काम करेंगे तो बेटियां कहां सुरक्षित रहेंगी?
