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- Pt. Vijayshankar Mehta Column | Youth Must Contribute To Save Families
2 घंटे पहले
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पं. विजयशंकर मेहता
अगर किसी पेड़ की जड़ सुखा दें तो वह उसके बीमार होने की तैयारी है। ऐसे ही रिश्तों में यदि सूखापन आ जाए तो परिवार रूपी वृक्ष गड़बड़ाएगा। इसका सीधा असर देश पर भी पड़ता है। क्योंकि फल और फूल तो उसी पेड़ पर लगते हैं, जो स्वस्थ होता है। अब भारत पर चारों तरफ से कई चुनौतियां हैं।
उन चुनौतियों से निपटने के लिए राष्ट्रीय स्तर के लोग जो भी कर रहे हों, पर एक सामान्य आदमी का योगदान यह हो सकता है कि वह अपने परिवारों को बचाए। बहुत बड़ी ताकत हैं परिवार हमारे देश की। जैसे पूजा-पाठ, प्रार्थना का अपना अलग आनंद है। इनमें मूल रूप से स्वास्थ्य उतरा हुआ है। इन्हें छोड़ देना बीमारी के लक्षण हो सकते हैं, पर इन्हें अपनाए रखना स्वस्थ रहने की कवायद है। और स्वास्थ्य हमें परमात्मा ने शरीर में जन्म से ही भेंट दिया है।
बीमारियां हम बाहर से आमंत्रित कर लेते हैं। तो खासतौर पर युवाओं को चाहिए कि वे परिवार बचाने में योगदान दें। देश की उत्पादकता में तो अभी भी युवाओं का प्रतिशत बहुत कम है। पर कम से कम परिवार बचाने में यह योगदान बढ़ना चाहिए।

