मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा।
.
नगर निगम कमिश्नर से भिड़े पूर्व विधायक रतलाम में उस समय हाईवोल्टेज राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला, जब नगर निगम की टीम बकाया नहीं चुकाने वालों से प्रधानमंत्री आवास योजना के फ्लैट खाली कराने पहुंची। इस कार्रवाई का पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता पारस सकलेचा ने जमकर विरोध किया।
विरोध के दौरान पारस सकलेचा की नगर निगम कमिश्नर अनिल भाना से तीखी बहस हो गई। सकलेचा का कहना था कि बारिश के मौसम में गरीब परिवारों से मकान खाली कराना गलत और अमानवीय है।
बहस के बीच निगम कमिश्नर ने उनसे कहा- अगर आपको इन लोगों से इतनी मोहब्बत है, तो इनका बकाया आप ही जमा करा दीजिए। यह बात सुनते ही सकलेचा का पारा चढ़ गया। उन्होंने तैश में आकर कमिश्नर से कहा- क्या यही बात करने की तमीज है? इसके बाद उन्होंने यह तक कह दिया कि मैं आपकी नौकरी खा जाऊंगा।
हंगामा बढ़ने पर पुलिस ने विरोध कर रहे पारस सकलेचा को टांगा-टोली कर उठाया और मौके से हटाया। इस दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया।
अब इस घटनाक्रम पर लोग चुटकी ले रहे हैं। कह रहे हैं कि नेता बनना इतना आसान नहीं होता। जनता की नजरों में हीरो बनने के लिए ये सब स्टंट करना पड़ता है। अधिकारियों से भिड़ना भी पड़ता है।
कुछ लोग कमिश्नर के तेवर पर भी सवाल उठा रहे हैं, कह रहे हैं कि जो अधिकारी नेताओं से इस तरह से बात कर रहे हैं, वे आम जनता की कितनी सुनते होंगे।
खरी बात यह है कि इस पूरे घटनाक्रम में पारस दादा ने अपनी राजनीतिक चमका ली। उधर, विरोध और हंगामे के बावजूद नगर निगम ने अपनी कार्रवाई पूरी कर ली। नतीजा यह रहा कि बारिश के मौसम में कई परिवार सड़क पर आ गए।

रतलाम में कांग्रेस नेता पारस सकलेचा की नगर निगम कमिश्नर अनिल भाना से बहस हो गई।
नए-नवेले विधायक का बैलेंस बिगड़ा बात दतिया उपचुनाव की। इस चुनाव में जीत के बाद कांग्रेस में जश्न का माहौल है। दतिया में कांग्रेस ने विजयी जुलूस निकाला और जनता का आभार जताया।
इस दौरान कांग्रेस नेता खासे कॉन्फिडेंस और जोश में दिखे। इतने जोश में.. कि मंच पर दतिया के नए-नवेले विधायक घनश्याम सिंह का बैलेंस बिगड़ गया।
वे मंच से गिरने वाले थे, तभी उन्हें एक तरफ से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और दूसरी तरफ से विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सहारा दिया। उन्हें संभाला।
फिर मंच से भी कांग्रेस नेताओं ने यही संदेश दिया कि हम सब घनश्याम सिंह के साथ हैं। इसी तरह उन्हें संभालते रहेंगे। दतिया की आवाज भोपाल में उठाते रहेंगे।
आशुतोष तिवारी का इशारा किस ओर? इधर, भाजपा में हार पर हाहाकार मचा है। इसका दर्द भी रह-रहकर सामने आ रहा है। भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी का एक वीडियो सामने आया है।
वीडियो में वे कह रहे हैं कि हार-जीत का अंतर ज्यादा नहीं, सिर्फ 6 हजार वोट का है। ये अंतर केवल इतना है कि 6 हजार में से 3 हजार उधर के वोट इधर आ जाते।
फिर उन्होंने कहा कि अपने यहां एक शब्द चलता है, एड़ी-चोटी का जोर.. मतलब विरोधियों ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया, फिर भी अंतर 6 हजार से ज्यादा नहीं कर पाए।
हालांकि आशुतोष तिवारी ने किसी का नाम नहीं लिया। अब लोग कयास लगा रहे हैं कि आशुतोष तिवारी का इशारा किस ओर था। किसने उन्हें हराने में एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया।
इधर, भितरघात की तमाम शंका-आशंकाओं के बीच भोपाल में नरोत्तम मिश्रा ने आशुतोष तिवारी से मुलाकात की। उन्होंने इस मुलाकात की तस्वीर शेयर की। साथ ही लंबी-चौड़ी पोस्ट कर गलतफहमियां दूर करने की कोशिश की।
नरोत्तम मिश्रा ने लिखा कि दतिया उपचुनाव के बाद सोशल मीडिया पर मेरे और भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को लेकर जो भ्रामक और असत्य बातें फैलाई जा रही हैं, वे पूरी तरह निराधार हैं।
उन्होंने लिखा- आशुतोष तिवारी मेरे अनुज हैं। उनके प्रति मेरे मन में हमेशा स्नेह और आत्मीयता रही है, और आगे भी रहेगी। हमारे बीच न कभी कोई कटुता थी, न आज है।

दतिया में कांग्रेस ने जीत का जश्न मनाया। भोपाल में आशुतोष तिवारी से मिले नरोत्तम मिश्रा।
नरेंद्र सिंह तोमर ने जताया खेद मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने हाल ही में एक कार्यक्रम में कुशवाहा समाज को लेकर एक टिप्पणी की थी। इस पर समाज का विरोध सामने आया तो उन्होंने अपने बयान पर खेद जताया है।
दरअसल, नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा था कि भाजपा हमेशा कुशवाहा समाज के प्रति समर्पित रही है, लेकिन कुशवाहा समाज बीच-बीच में इधर-उधर गुलाटी मारता रहा। इसके कारण आपने अपनी विश्वसनीयता को खंडित किया।
इस बयान पर विवाद तूल पकड़ने के बाद विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने अपने आधिकारिक लेटरहेड पर लिखा- यदि मेरे किसी शब्द से किसी समाज बंधु को ठेस लगी है तो मैं अपने शब्द वापस लेता हूं और आप लोगों को जो तकलीफ हुई है, उसके लिए खेद व्यक्त करता हूं।
अब लोग तंज कर रहे हैं कि भाजपा अब बदल गई है। इस्तीफे भी हो रहे हैं और माफी भी मांगी जा रही है।

विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कुशवाहा समाज को लेकर की टिप्पणी पर खेद जताया।
और अब अंदर की बात..
एसपी का तबादला कराने राजधानी में डेरा एमपी के एक कद्दावर पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद करीब दस दिनों से एक जिले के एसपी का तबादला कराने के लिए राजधानी में डेरा डाले हुए हैं। उनके साथ जिले के पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष भी मौजूद हैं।
दरअसल, कुछ दिन पहले ही एसपी ने एक चिटफंड कंपनी के खेल का खुलासा किया था। पुलिस ने कंपनी के संचालक को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान उसने पूर्व सांसद और पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष का भी नाम लिया है।
मामला अभी शुरुआती जांच में है। माना जा रहा है कि यदि पुलिस की पूछताछ आगे बढ़ी तो कई नए खुलासे हो सकते हैं। इसी आशंका के चलते नेताजी जांच आगे बढ़ने से पहले ही एसपी का तबादला करवाना चाहते हैं।
सुना है कि उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी मंशा भी जाहिर कर दी है। हालांकि, मुख्यमंत्री की ओर से अब तक कोई संकेत नहीं मिला है। नेताजी उसी जिले से आते हैं, जो हाल ही में चावल की हेराफेरी के मामले को लेकर सुर्खियों में है।
इनपुट सहयोग – केके शर्मा (रतलाम), राधावल्लभ मिश्रा (दतिया), विजय सिंह बघेल (भोपाल)
ये भी पढ़ें – शादी से डरे धीरेंद्र शास्त्री, संन्यास की कह दी बात: दतिया हार का असर, जिला भाजपा की पूरी टीम आउट

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हमारी माता जी रोज लगी रहती हैं कि शादी कर लो, शादी कर लो। अब ऐसी खबरें देखकर हमें लगता है कि मान लो हमने शादी कर ली और पत्नी विचित्र निकली तो…। यह सुनकर कथा पंडाल में बैठीं उनकी माता जी भी हंसने लगीं। पूरी खबर पढ़ें
