फतेहाबाद से आए लोगों ने भगवान राम पर रामपाल महाराज से सवाल किए।
देशद्रोह और हत्या के मामले में जेल से रिहा हुए संत रामपाल ने भगवान श्रीराम पर की गई अपनी विवादित टिप्पणी और अयोध्या मंदिर के चढ़ावे को लेकर दिए बयान पर सफाई दी है। फतेहाबाद से आए लोगों से मुलाकात के दौरान रामपाल ने कहा- मैं भगवान श्रीराम का अपमान नही
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रामपाल ने बताया कि लोगों ने उनसे पूछा था कि भगवान श्रीराम पर की गई उनकी टिप्पणी को लेकर विरोधियों ने कई सवाल उठाए हैं। इस पर रामपाल ने कहा, “मैं पहले भी कह चुका हूं कि भगवान श्रीराम ने एक ही तीर से रावण का वध किया था। मैं उनका सम्मान करता हूं।”
रामपाल यहीं नहीं रुका। उसने भगवान श्रीराम की तुलना एक डॉक्टर से करते हुए कहा कि यदि कोई बहुत प्रसिद्ध डॉक्टर मर जाए और उसकी प्राण-प्रतिष्ठा कर उसे मंदिर या अस्पताल में स्थापित कर दिया जाए, फिर उससे किसी मरीज का इलाज करने या दवा देने को कहा जाए, तो क्या वह ऐसा कर पाएगा?

15 जुलाई को भाजपा प्रवक्ता नेहा धवन रामपाल से मिलने गई थीं। तब रामपाल ने श्रीराम पर विवादित बयान दिया था।
रामपाल ने कहा था- अयोध्या मंदिर में सिर्फ मूर्ति है, भगवान नहीं
सोनीपत स्थित धनाना आश्रम में 15 जुलाई को भाजपा प्रवक्ता नेहा धवन से मुलाकात के दौरान रामपाल ने यह विवादित बयान दिया था। रामपाल के ऑफिशियल सोशल मीडिया पेज ‘स्पिरिचुअल लीडर संत रामपाल’ पर इसका वीडियो अपलोड किया गया। रामपाल ने कहा था कि अयोध्या मंदिर में सिर्फ एक मूर्ति स्थापित है, वह भगवान नहीं हैं। धर्मगुरु वर्षों से लोगों को यह कहकर गुमराह करते आए हैं कि मूर्ति में प्राण-प्रतिष्ठा होने के बाद वह भगवान का कार्य करने लगती है। अगर प्राण-प्रतिष्ठा की प्रक्रिया सही होती, तो मंदिर में चोरी कैसे हो जाती? वहां श्रीराम की मूर्ति थी, उसकी प्राण-प्रतिष्ठा भी हो चुकी थी और उनके हाथ में तीर-कमान भी था। फिर जब सरेआम चोरी हो गई, तो धर्मगुरुओं की भावनाएं कहां चली गईं।
प्रेमानंद महाराज और धीरेंद्र शास्त्री पर साधा निशाना
रामपाल ने देश के प्रमुख हिंदू धर्म गुरुओं को ढोंगी कहा था। वीडियो के बैकग्राउंड में प्रेमानंद महाराज, पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, श्री श्री रविशंकर और देवकीनंदन ठाकुर जैसे बड़े धर्मगुरुओं की तस्वीरें लगाई, जिनकी तरफ इशारा करते हुए रामपाल ने उन पर लोगों को बेवकूफ बनाने का आरोप लगाया।

रामपाल की टीम ने वीडियो को एडिट कर हिंदू धर्म गुरुओं पर निशाना साधा था।
वीडियो वायरल होने पर भाजपा प्रवक्ता ने दी थी सफाई
रामपाल की टीम की ओर से मुलाकात का वीडियो जारी होने और विवाद बढ़ने के बाद भाजपा प्रवक्ता नेहा धवन ने अपनी सफाई दी थी। उन्होंने कहा था कि वह धनाना आश्रम केवल एक सामाजिक मुलाकात के सिलसिले में गई थीं। राम मंदिर या धर्म से जुड़े किसी मुद्दे पर उन्होंने संत रामपाल से कोई सवाल-जवाब नहीं किया था।
नेहा धवन ने बताया कि मुलाकात के दौरान रामपाल खुद ही बातें करने लगे, जिस पर वह सिर्फ मुस्कुरा दी थीं। उस समय वहां इतना शोर था कि राम मंदिर को लेकर रामपाल ने जो बातें कहीं, उन्हें वह ठीक से सुन भी नहीं पाईं।

संत रामपाल से जुड़े 2 विवाद जानिए…
- करौथा आश्रम विवाद-2006: रामपाल द्वारा स्वामी दयानंद सरस्वती की पुस्तक ‘सत्यार्थ प्रकाश’ पर की गई टिप्पणियों को लेकर आर्य समाजियों और रामपाल के अनुयायियों के बीच हिंसक झड़पें हुईं, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। इसी मामले में पहली बार जेल जाना पड़ा था।
- बरवाला आश्रम हिंसा और गिरफ्तारी-2014: 2006 के हत्या के मामले में कोर्ट में पेश न होने पर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने रामपाल के खिलाफ वारंट जारी किया। हिसार के बरवाला स्थित उनके आश्रम में नवंबर 2014 में पुलिस और समर्थकों के बीच खूनी संघर्ष हुआ। इस दौरान आश्रम के भीतर 5 महिलाओं और एक बच्चे की मौत हो गई थी।

10 अप्रैल 2026 को रामपाल हिसार के सेंट्रल जेल से बाहर आया था।
10 अप्रैल को ही जेल से बाहर आया रामपाल
सतलोक आश्रम का प्रमुख रामपाल 11 साल, 4 महीने और 24 दिन जेल में बिताने के बाद 10 अप्रैल 2026 को हिसार की सेंट्रल जेल से रिहा हुआ था। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद वह जेल से बाहर आया और सोनीपत के धनाना स्थित सतलोक आश्रम पहुंचा था। तब से लेकर अब तक वह धनाना आश्रम में है।
बरवाला कांड के बाद पुलिस ने रामपाल, भाई और अन्य समर्थकों पर देशद्रोह, हत्या और आपराधिक साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। इन मामलों में उन्हें 2018 में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, 2025 में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने उम्रकैद की सजा को निलंबित कर दिया और बाद में उन्हें देशद्रोह से संबंधित मामलों में भी जमानत हो गई थी।
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देशद्रोह और मर्डर मामले में जेल से रिहा हुए संत रामपाल ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी और भगवान श्रीराम पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। BJP प्रवक्ता नेहा धवन रामपाल से मिलने उसके सोनीपत स्थित धनाना आश्रम गईं थी, जहां रामपाल ने कहा कि अयोध्या मंदिर में सिर्फ मूर्ति है, वो भगवान नहीं हैं। पढ़ें पूरी खबर…
