कोविड-19 महामारी के कारण वर्ष 2019 से स्थगित पड़ा भारत और चीन के बीच ऐतिहासिक ‘शिपकी ला’ सीमा व्यापार आगामी 1 अगस्त से आधिकारिक तौर पर फिर से शुरू होने जा रहा है। किन्नौर के उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा ने इस महत्वपूर्ण व्यापारिक गतिविधि के पुनः संच
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उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा ने बताया कि वर्ष 2026 के इस व्यापार सत्र का विधिवत शुभारंभ प्रदेश के कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी द्वारा किया जाएगा। इस विशेष अवसर पर मंत्री नेगी छुप्पन में ₹2.58 करोड़ की लागत से नव-निर्मित अत्याधुनिक ‘ट्रेडमार्ट’ का उद्घाटन भी करेंगे।
36 वस्तुएं होंगी निर्यात, 20 वस्तुओं का होगा आयात
व्यापार से जुड़ी सभी प्रशासनिक तैयारियों, ट्रेड पास वितरण और व्यापारियों की ‘एंटीसीडेंट वेरिफिकेशन’ (सुरक्षा जांच) की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। पहले चरण में भारत की तरफ से लगभग 15 से 17 व्यापारी चीन (तिब्बत) की ओर जाएंगे, जिन्हें सुरक्षा नियमों के तहत 72 घंटों के भीतर वापस लौटना अनिवार्य होगा। इस द्विपक्षीय सीमा व्यापार समझौते के तहत भारत की ओर से 36 निर्दिष्ट वस्तुओं का निर्यात किया जाएगा, जबकि चीन अधिकृत तिब्बत से 20 वस्तुओं का आयात किया जाएगा।

- भारत से निर्यात होने वाली प्रमुख वस्तुएं: कृषि उत्पाद, चावल, जौ, आटा, गेहूं कुट्टू, चाय, कॉफी, फल व सूखे मेवे, प्रसंस्कृत व डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ, वनस्पति तेल, गुड़, मसाले, सूती व हथकरघा वस्त्र, रेडीमेड गारमेंट्स, कंबल, हस्तशिल्प उत्पाद, साइकिल, घड़ियां, बर्तन, तांबे के उत्पाद, स्टेशनरी, स्थानीय जड़ी-बूटियां, प्रार्थना चक्र, अगरबत्ती और मक्खन के दीये शामिल हैं।
- तिब्बत से आयात होने वाली प्रमुख वस्तुएं: ऊन, पशम, बकरी व भेड़ की खाल, याक की पूंछ व बाल, रजाई-कंबल, कालीन व गलीचे, सिल्क, रेडीमेड कपड़े, जूते, स्थानीय हर्बल दवाएं, नमक, सुहागा (बोरेक्स), साइबेल्याईट, चाइना क्ले, मक्खन और घोड़े शामिल हैं।
जीवित पशुओं का व्यापार फिलहाल स्थगित उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि इलाके में फिलहाल ‘क्वारंटीन सेंटर’ की सुविधा न होने के कारण शुरुआती चरण में जीवित पशुओं (जैसे भेड़-बकरी आदि) का व्यापार नहीं हो सकेगा। हालांकि, इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए ‘वाइब्रेंट विलेज स्कीम’ के तहत एक प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है ताकि जल्द ही क्वारंटीन सेंटर का निर्माण पूरा कर पशु व्यापार को भी सुचारू किया जा सके।
