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TRE-4 की 32,388 वैकेंसी की इनसाइड स्टोरी:शिक्षा मंत्री का अफसरों को अल्टीमेटम, सम्राट के पास शिक्षक भर्ती की लिस्ट जाएगी या मेरा इस्तीफा




बिहार में TRE-4 शिक्षक भर्ती का इंतजार खत्म होता दिख रहा है। शिक्षा विभाग ने 32,388 शिक्षकों की बहाली की सूचना बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को भेजी है। CM सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा- ‘TRE-4 के तहत 32,388 शिक्षकों के पदों पर नियुक्ति के लिए शिक्षा विभाग ने अधियाचना BPSC को भेज दी है। हमारी सरकार युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और बिहार की शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।’ 32,388 पदों पर शिक्षकों की बहाली का फैसला आसानी से नहीं हुआ। दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि बीते 5 दिन में इस मुद्दे पर सीएम सम्राट चौधरी के साथ तीन बैठक हुई। मंत्री ने अफसरों के सामने इस्तीफा देने का अल्टीमेटम रख दिया। भास्कर की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में पढ़िए, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने अफसरों से क्यों कहा कि इस्तीफा दे दूंगा? इसका क्या असर हुआ? मंत्री का अल्टीमेटम बना टर्निंग पॉइंट शिक्षा विभाग के सूत्रों के मुताबिक 27 जुलाई को कुछ जिलों से वैकेंसी का अंतिम ब्यौरा नहीं पहुंचा तो शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने अधिकारियों के साथ बैठक में कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने साफ कहा कि अगर आज शाम तक वैकेंसी संबंधी ब्यौरा सामान्य प्रशासन विभाग को नहीं भेजा गया तो मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा दे दूंगा। CM के पास TRE-4 की वैकेंसी जाएंगी या फिर मेरा इस्तीफा। मंत्री के इस सख्त संदेश के बाद विभागीय स्तर पर तेजी आई और लंबित जिलों से रिक्तियों का ब्यौरा तत्काल मंगाया गया। उसी दिन अधियाचना (शिक्षकों की भर्ती की मांग) मुख्यमंत्री को भेजी गई। रोस्टर में फंसा मामला, सामान्य प्रशासन विभाग में बुलाए गए अधिकारी विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि शिक्षकों की भर्ती की मांग अंतिम चरण में पहुंचने के बाद रोस्टर क्लीयरेंस में तकनीकी आपत्तियां सामने आईं। सामान्य प्रशासन विभाग चाहता तो फाइल वापस भेज सकता था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। मुख्यमंत्री स्तर पर हस्तक्षेप किए जाने के चलते शिक्षा विभाग के अधिकारियों को तत्काल बुलाया गया। बैठक में रोस्टर संबंधी गलतियों को मौके पर ठीक कराया गया ताकि भर्ती प्रक्रिया दोबारा लंबी देरी का शिकार न हो। आरक्षण की सीटों पर भी हुआ संशोधन सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक अधियाचना में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के आरक्षित पदों को लेकर भी आपत्ति सामने आई। समीक्षा के दौरान आरक्षण रोस्टर के अनुसार पदों को फिर से मिलाया गया। इसके बाद अधियाचना को अंतिम रूप दिया गया। दर्जनभर बैठकों के बाद बनी तस्वीर शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार शिक्षक भर्ती की मांग तैयार होने से पहले एक दर्जन से अधिक समीक्षा बैठक हुईं। विभागीय बैठकों से लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस तक, लगभग हर बैठक का प्रमुख एजेंडा TRE-4 रहा। वैकेंसी का वेरिफिकेशन, स्कूल मैपिंग और रोस्टर क्लीयरेंस पर लगातार काम चलता रहा। मुख्यमंत्री ने की लगातार मॉनिटरिंग TRE-4 भर्ती को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जुलाई महीने में लगातार समीक्षा बैठक की। पहली बैठक में शिक्षा मंत्री और सीनियर अधिकारियों के साथ वैकेंसी और अधियाचना की प्रगति की समीक्षा की गई। दूसरी बैठक विधानसभा सत्र के दौरान हुई, जिसमें TRE-4 भर्ती को लेकर हो रहे काम पर चर्चा हुई। तीसरी बैठक में शिक्षा विभाग और सामान्य प्रशासन विभाग के बीच कोआर्डिनेशन तेज करने और प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने शिक्षक भर्ती से जुड़ी फाइलों का तेजी से निपटारा कराया। इसके बाद BPSC को शिक्षकों की भर्ती से जुड़ी मांग भेजने की प्रक्रिया पूरी हुई। सदन से सोशल मीडिया तक सरकार ने लगातार दिया आश्वासन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कई बार कहा कि TRE-4 के तहत शिक्षकों की भर्ती में देरी नहीं होने दी जाएगी। जुलाई के अंतिम सप्ताह में प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। वहीं, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने भी मई से जुलाई के बीच कई सार्वजनिक मंचों और विधानसभा में कहा कि सरकार TRE-4 भर्ती कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने अभ्यर्थियों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और तैयारी जारी रखने की अपील भी की थी। अब शिक्षकों की भर्ती की मांग BPSC को भेजी जा चुकी है। अभ्यर्थियों की नजर आयोग के विज्ञापन पर है। यदि प्रक्रिया तय कैलेंडर के अनुसार आगे बढ़ती है तो जल्द ही TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी होने और परीक्षा कार्यक्रम घोषित होने की संभावना है। करीब चार महीने के इंतजार, विभागीय कवायद और अंतिम समय की प्रशासनिक बाधाओं के बाद अब 32,388 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया औपचारिक रूप से अगले चरण में पहुंच चुकी है। ‌सितंबर में हो सकती है परीक्षा अभ्यर्थी लंबे समय से TRE-4 की अधिसूचना का इंतजार कर रहे थे। अब शिक्षक भर्ती की मांग BPSC को भेजे जाने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि आयोग जल्द ही भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगा। BPSC के एग्जाम कैलेंडर के मुताबिक, चौथे चरण की शिक्षक भर्ती की समय-सीमा पहले ही जारी की जा चुकी है। 22 से 27 सितंबर 2026 के बीच परीक्षा होगी। रिजल्ट नवंबर 2026 में जारी किया जाएगा। बड़ा बदलावः अब दो चरणों में होगी परीक्षा BPSC सूत्रों के मुताबिक, शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और सेटिंग जैसी धांधलियों को रोकने के लिए आयोग ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। अब परीक्षा एक के बजाय 2 चरणों में ली जाएगी। स्क्रीनिंग टेस्ट (PT): यह ऑब्जेक्टिव होगा। इसका मुख्य उद्देश्य भीड़ कम करना है ताकि मुख्य परीक्षा का आयोजन बेहतर ढंग से हो सके। यह राज्य के 1000 से अधिक केंद्रों पर होगा। मुख्य परीक्षा (Mains): पीटी में सफल अभ्यर्थी ही इसमें शामिल होंगे। आयोग के अनुसार, दूसरी परीक्षा भी ऑब्जेक्टिव ही होगी, लेकिन इसका आयोजन मुख्य रूप से पटना में किया जाएगा। हर साल बहाल होंगे 20 हजार शिक्षक 22 मई 2026 को सम्राट सरकार ने फैसला लिया था कि हर साल 20 हजार टीचर बहाल किए जाएंगे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की बैठक के बाद सरकार ने घोषणा की थी कि अब हर साल शिक्षकों की बहाली की जाएगी। इसके तहत अगले पांच साल में 1 लाख शिक्षकों की नियुक्ति का टारगेट रखा गया है। BPSC की ओर से TRE का विज्ञापन हर साल जुलाई में जारी करने का निर्णय लिया गया है। सरकार के अनुसार, शिक्षा विभाग हर साल रिटायर होने वाले शिक्षकों और उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर BPSC को अधियाचना भेजेगा।



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