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आहोर नगर पालिका की खसरा संख्या 1008, 1009, 977 एवं 1032 से जुड़ी करोड़ों रुपए की भूमि के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने 18 अगस्त 2026 को आदेश जारी किया। भूमि को गलत तरीके से अमिटेंशन भरकर हड़पने के आरोप वाले इस मामले में कोर्ट ने 3 नवंबर 2025 के पूर्व आदेश की क्रियान्विति और प्रभाव पर अगली प्रभावी सुनवाई तक रोक लगा दी। कोर्ट ने संबंधित पक्षकारों और अधिवक्ताओं को नोटिस भी जारी किए हैं। मामला ग्राम पंचायत आहोर बनाम भैरपुरी वगैरा की सिविल प्रथम अपील संख्या 131/2020 से जुड़ा है। पुराने खसरा नंबर 313, 314 और 316 से जुड़ी है जमीन शिवसेना यूबीटी के जालोर जिला प्रमुख रूपराज पुरोहित ने बताया कि आहोर नगर पालिका की भूमि का संबंध पुराने खसरा नंबर 313, 314 एवं 316 से रहा है। 1969 में सुमेरमल एवं तेजराज पुत्रगण गुलाबचन्द ने उक्त भूमि का कुछ हिस्सा खरीदा था। बाद में यह भूमि तत्कालीन नगर पालिका आहोर को रजिस्टर्ड बख्शीसनामा के माध्यम से दे दी गई। इसके बाद नगर पालिका समाप्त होकर ग्राम पंचायत बनने पर यह भूमि ग्राम पंचायत के नाम दर्ज हो गई। 2011 में जिला न्यायालय में सामने आया विवाद वर्ष 2011 में इस भूमि को लेकर जिला न्यायालय, जालोर में विवाद सामने आया। जिला न्यायालय के निर्णय के खिलाफ सिविल प्रथम अपील संख्या 131/2020 दायर की गई। यह अपील ग्राम पंचायत आहोर बनाम भैरपुरी वगैरा के नाम से राजस्थान हाईकोर्ट, जोधपुर पहुंची। 3 नवंबर 2025 के आदेश पर अगली सुनवाई तक रोक इस मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने 18 अगस्त 2026 को महत्वपूर्ण आदेश जारी किया। कोर्ट ने 3 नवंबर 2025 के पूर्व आदेश की क्रियान्विति एवं उसके प्रभाव पर अगली प्रभावी सुनवाई तक रोक लगा दी है। इसके साथ ही कोर्ट ने संबंधित पक्षकारों एवं अधिवक्ताओं को नोटिस जारी किए हैं। यह मामला आहोर नगर पालिका की खसरा संख्या 1008, 1009, 977 एवं 1032 से जुड़ी करोड़ों रुपए की भूमि को गलत तरीके से अमिटेंशन भरकर हड़पने के आरोप से संबंधित है।
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आहोर नगर पालिका भूमि मामले में हाईकोर्ट ने रोक लगाई:खसरा नंबर 1008, 1009, 977 और 1032 की जमीन विवाद में पक्षकारों को नोटिस
