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सुकमा के कोंटा क्षेत्र में कम बारिश से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। धान की रोपाई प्रभावित होने और खेतों में पानी की कमी को लेकर बस्तरिया राज मोर्चा के संयोजक मनीष कुंजाम ने किसानों से मुलाकात की। उन्होंने कई गांवों का दौरा कर किसानों की समस्याएं सुनीं और 7 सितंबर को रैली करने की घोषणा की। किसानों ने बताई पानी की समस्या मनीष कुंजाम ने कारीगुंडम, सिंदूरगुड़ा, किस्टाराम, पालोड़ी, मरेगुड़ा और कोंटा क्षेत्र के गांवों का दौरा किया। इस दौरान किसानों ने बताया कि अगस्त का महीना खत्म होने वाला है, लेकिन अब तक पर्याप्त बारिश नहीं हुई है। कई खेतों में रोपा तैयार होने के बाद भी पानी की कमी के कारण किसान धान की रोपाई नहीं कर पा रहे हैं। कुछ किसानों ने गड्ढों और तालाबों में जमा पानी को मशीनों के जरिए खेतों तक पहुंचाकर रोपाई की, लेकिन अब जलस्रोतों में भी पानी कम हो गया है। जिन खेतों में रोपाई हो चुकी है, वहां भी फसल को बचाने के लिए पानी की जरूरत है। दो-तीन पत्तों के बाद रुक गई धान की बढ़वार कुंजाम ने बताया कि कई खेतों में धान की फसल दो-तीन पत्तों के बाद आगे नहीं बढ़ रही है। पानी की कमी से फसल कमजोर पड़ने लगी है। किसानों को डर है कि अगर जल्द बारिश नहीं हुई तो फसल खराब हो सकती है और उत्पादन भी कम हो जाएगा। कर्ज लेकर खेती करने वाले किसान चिंतित कई किसानों ने बैंक से कर्ज लेकर खाद, बीज और कृषि दवाइयां खरीदी हैं। ऐसे में फसल खराब होने पर उनके सामने कर्ज चुकाने की भी बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है। 7 सितंबर को धरना-रैली और सभा किसानों की समस्याओं को लेकर 7 सितंबर को कोंटा में धरना, रैली और सभा आयोजित की जाएगी। मनीष कुंजाम ने कहा कि आंदोलन के जरिए सरकार और प्रशासन का ध्यान किसानों की स्थिति की ओर दिलाया जाएगा। आंदोलन में किसानों के बैंक कर्ज माफ करने और तत्काल राहत कार्य शुरू करने की मांग उठाई जाएगी। साथ ही राहत कार्यों की जिम्मेदारी पंचायतों को देने की मांग की जाएगी, ताकि स्थानीय स्तर पर जल्द काम शुरू हो सके।
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कम बारिश से धान की खेती प्रभावित, किसान परेशान:मनीष कुंजाम ने की मुलाकात; कोंटा में किसानों के समर्थन में 7 सितंबर को आंदोलन
