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बिहार में सातवें वेतनमान को लेकर शिक्षकों ने आज रविवार को डिजिटल आंदोलन शुरू किया। सुबह से ही शिक्षकों की मांग को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अभियान चलाया जा रहा है। करीब 11 बजे यह मुद्दा ट्रेंड करता नजर आया। शिक्षक 7th CPC के वास्तविक पे-मैट्रिक्स और पूर्व वेतनमान को लागू करने की मांग कर रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि उन्हें राज्यकर्मी का दर्जा मिलने के बावजूद सातवें वेतनमान का लाभ नहीं मिल रहा है। इसी मांग को लेकर शिक्षक सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने में जुटे हैं। 5 सितंबर को सातवां वेतनमान लागू करने की मांग शिक्षक नेता आनंद कौशल सिंह ने कहा, ‘शिक्षकों को उम्मीद है कि बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इस मामले में जल्द संज्ञान लेंगे। 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों को सम्मान देते हुए सातवां वेतनमान लागू किया जाना चाहिए।’ उन्होंने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से इस मामले में जल्द निर्णय लेने की अपील की। ‘कलेक्टर और माननीयों को वेतन मिल रहा, शिक्षकों से भेदभाव क्यों?’ शिक्षक नेता ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘शिक्षक सरकार से किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि अपने अधिकार और सम्मान की मांग कर रहे हैं।’ आनंद कौशल सिंह ने कहा, ‘शिक्षक समाज को शिक्षित करने और नई पीढ़ी तैयार करने की जिम्मेदारी निभाते हैं। ऐसे में सरकार को उनकी मांग पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और सातवें वेतनमान को लेकर जल्द फैसला लेना चाहिए।’ सोशल मीडिया के जरिए सरकार तक पहुंचा रहे आवाज शिक्षकों ने आज रविवार को डिजिटल आंदोलन के जरिए अपनी मांग को व्यापक स्तर पर उठाया। सोशल मीडिया X पर पोस्ट और अभियान के माध्यम से शिक्षक सातवें वेतनमान, वास्तविक पे-मैट्रिक्स और पुराने वेतनमान को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि जब उन्हें राज्यकर्मी का दर्जा दिया जा चुका है, तो वेतनमान से जुड़ी विसंगति को भी जल्द दूर किया जाना चाहिए।
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‘कलेक्टर और माननीयों को लगातार वेतन मिल रहा':शिक्षक नेता ने पूछा- शिक्षकों से ऐसी दुश्मनी क्यों? सातवें वेतनमान को लेकर सरकार से पूछा सवाल
