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जालंधर में कोर्ट की छत से कूदे 2 गैंगस्टर:पेशी के लिए आए थे, पुलिस पकड़ने पहुंची तो लगाई छलांग; एक का पैर टूटा




जालंधर कोर्ट कॉम्प्लेक्स में बुधवार को पेशी पर आए 2 गैंगस्टर पुलिस को देखकर भागने लगे। बताया जा रहा है कि इस दौरान दोनों ने छत से छलांग लगा दी। पुलिस ने पीछा कर दोनों को काबू कर लिया। दोनों देवी तालाब मंदिर में ईंट-पत्थर बरसाने के मामले में वांटेड थे। पुलिस को सूचना मिली थी कि दोनों किसी अन्य केस की पेशी के लिए जालंधर कोर्ट कॉम्प्लेक्स पहुंचे हैं। इसके बाद पुलिस उन्हें पकड़ने के लिए वहां पहुंची। पुलिस को देखते ही दोनों भागने लगे और छत से छलांग लगा दी। एक गैंगस्टर के पैर में चोट आई है। पुलिस उसे सिविल अस्पताल लेकर आई है। जहां इलाज के बाद उससे पूछताछ की जाएगी। पुलिस का कहना है कि दोनों के खिलाफ अगर आरोप सही पाए गए तो कार्रवाई की जाएगी। कुछ देर में पूछताछ के बात सारा मामला क्लीयर किया जाएगा। गैंगस्टरों की पहचान अमन और फतेह के रूप में बताई जा रही है। हालांकि, पुलिस की तरफ से अभी इसकी पुष्टि नहीं की गई है। देवी तालाब मंदिर में एक महीने पहले चले पत्थर
करीब एक महीने पहले देवी तालाब मंदिर में आम आदमी पार्टी (AAP) के हलका इंचार्ज व मेयर विनीत धीर के मौजूदगी में ईंट-पत्थर चले थे। मेयर अपनी शुक्राना यात्रा निकाल रहे थे। इस दौरान फतेह गैंग और भाना गैंग के सदस्य आमने-सामने आ गए, जिनमें बहस के बाद हाथापाई हुई। फिर दोनों ने एक-दूसरे को पत्थर मारे। गैंगस्टर न पकड़ने पर लाइन हाजिर हो चुके SHO
पत्थरवाजी करने वाले गैंगस्टरों के न पकड़े जाने के मामले में पहले ही पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह थाना बस्ती बावा खेल के एसएचओ जय इंद्र को लाइन हाजिर कर चुके हैं। जो 2 गैंग भिड़े, उनके बारे में जानिए… फतेह गैंग: इसे करणप्रीत सिंह उर्फ ज्ञानी उर्फ फतेह (निवासी खुरला किंगरा, जालंधर) चलाता है। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, और जबरन वसूली समेत 12 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। पंजाब पुलिस ने उसे और उसके साथियों को कई बार अवैध हथियारों और हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है। फतेह गैंग का जालंधर के कई अन्य स्थानीय गुटों के साथ विवाद रहा है। कन्नू गुर्जर गैंग के साथ मई 2025 में एक हिंसक गैंगवार के दौरान गोलीबारी हुई थी। भाना गैंग: यह कुख्यात गैंगस्टर दलजीत सिंह भाना का गुट माना जाता है, जो जालंधर के भार्गव कैंप इलाके में काफी समय तक सक्रिय रहा। इस ग्रुप का नाम साल 2014 के चर्चित मल्ली हत्याकांड (भार्गव कैंप) और साल 2012 के सोनू बाबा हत्याकांड (सलेमपुर मुसांडा) जैसे गंभीर आपराधिक मामलों में प्रमुखता से आया था। इस गैंग से जुड़े मुख्य शूटर और अपराधी जैसे अनिल कुमार उर्फ रॉकी (13 मामले दर्ज) लंबे समय से पुलिस की रडार पर रहे हैं। आपसी दुश्मनी की मुख्य वजह
जालंधर के शहरी इलाकों (जैसे टांडा रोड, भार्गव कैंप, माई हीरां गेट) में अपना वर्चस्व कायम करना, सट्टेबाजी/जुआ, शराब के ठेकों पर कब्जा या जबरन वसूली इन दोनों गुटों के बीच विवाद की मुख्य वजह रही है। जब भी किसी धार्मिक या सामाजिक यात्रा/कार्यक्रम में दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आते हैं, तो नारेबाजी के बाद बात अक्सर पथराव या गोलीबारी तक पहुंच जाती है। हम खबर को अपडेट कर रहे हैं…



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