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स्कूल में लैपटॉप या टैबलेट टूटने पर शिक्षक की डांट और पुलिस शिकायत की धमकी से डरा एक 15 वर्षीय बच्चा अपने घर विशाखापट्टनम (आंध्र प्रदेश) से भागकर करीब 2,500 किलोमीटर दूर अमृतसर पहुंच गया। रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क और अमृतसर बाल कल्याण समिति (CWC) की सतर्कता से तीन दिनों के भीतर बच्चे को सकुशल उसके परिवार से मिला दिया गया। क्या है पूरा मामला? विशाखापट्टनम के रहने वाले इस बच्चे से स्कूल में गलती से टैबलेट/लैपटॉप गिरकर टूट गया था। शिक्षक ने डांटते हुए पुलिस में शिकायत की बात कही, जिससे बच्चा बुरी तरह डर गया। डर के मारे बच्चा घर लौटा, वर्दी बदली और बिना किसी को बताए ट्रेन में सवार होकर निकल गया। बच्चा सफर करते हुए पंजाब के अमृतसर रेलवे स्टेशन पर जा पहुंचा। भाषा बनी बड़ी चुनौती 6 अगस्त को रेलवे पुलिस की सूचना पर चाइल्ड हेल्प डेस्क की टीम ने स्टेशन से बच्चे को अपने संरक्षण में लिया। बच्चा केवल तेलुगू भाषा बोल रहा था, जिससे उससे परिजनों की जानकारी जुटाना एक बड़ी चुनौती बन गया था। बच्चे की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उसे ‘चिल्ड्रन होम फॉर बॉयज’ भेजा गया। इस तरह हुआ सुरक्षित पुनर्मिलन अमृतसर बाल कल्याण समिति के एडवोकेट एम.के. शर्मा के अनुसार, बच्चे से मिली आधी-अधूरी जानकारी के आधार पर विशाखापट्टनम पुलिस, स्थानीय प्रशासन और वहां की बाल कल्याण समिति से संपर्क साधा गया। विशाखापट्टनम में पहले से ही दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्ट के आधार पर बच्चे के परिवार का पता लगा लिया गया। रविवार को अमृतसर पहुंचे परिजनों को आवश्यक दस्तावेजों की जांच के बाद बच्चा सौंप दिया गया। तीन दिन बाद अपने बच्चे को सुरक्षित देखकर परिजन भावुक हो गए।
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टीचर की डांट से डरकर आंध्र का बच्चा अमृतसर पहुंचा:स्कूल में टैबलेट टूटने पर पुलिस में शिकायत की दी चेतावनी, विशाखापट्टनम से ट्रेन चढ़कर 2500 किमी दूर आया
