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साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन मैट्रिक्स के तहत इंदौर क्राइम ब्रांच ने एक संदिग्ध म्यूल बैंक खाते की जांच कर उसके खाताधारक को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि खाते से करीब डेढ़ करोड़ रुपए का लेनदेन हुआ है। पुलिस को आशंका है कि इसमें फ्रॉड की रकम का इस्तेमाल किया गया है। बैंक रिकॉर्ड की जांच के बाद खाते का संबंध इंदौर निवासी अभिषेक तिवारी, निवासी गणेश नगर रोड, हिमालय कॉलोनी से सामने आया। कई राज्यों से मिली थी खाते की जानकारी एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि अलग-अलग राज्यों की पुलिस और एजेंसियों से एक बैंक खाते को लेकर जानकारी मिली थी। इसमें करीब डेढ़ करोड़ रुपए के लेनदेन की बात सामने आई थी। रकम के साइबर फ्रॉड से जुड़े होने की आशंका के बाद क्राइम ब्रांच ने बैंक रिकॉर्ड और लेनदेन की जानकारी जुटाई। 15 राज्यों की साइबर ठगी से जुड़ी कड़ियां अधिकारियों के मुताबिक, जांच में खाते से देश के अलग-अलग हिस्सों में दर्ज साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायतों की कड़ियां मिली हैं। इनमें— खाते में आए पैसे और ट्रांजेक्शन की जांच जारी क्राइम ब्रांच अब खाते में रकम कहां से आई, किन खातों में ट्रांसफर हुई और इसका इस्तेमाल किन साइबर अपराधों में किया गया, इसकी जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि अभिषेक तिवारी ने खाता स्वयं इस्तेमाल किया या किसी अन्य व्यक्ति को उपलब्ध कराया था। म्यूल अकाउंट के जरिए होती है फ्रॉड की रकम की आवाजाही साइबर अपराधों में म्यूल बैंक अकाउंट का इस्तेमाल ठगी की रकम को एक खाते से दूसरे खाते में भेजने के लिए किया जाता है। कई मामलों में खाताधारक कमीशन के बदले अपना बैंक खाता दूसरे लोगों को उपलब्ध करा देते हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस मामले में खाते का इस्तेमाल किस तरह किया गया और इसके पीछे कौन लोग हैं।
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डेढ़ करोड़ के संदिग्ध लेनदेन वाला म्यूल बैंक खाता पकड़ा:15 राज्यों में दर्ज साइबर फ्रॉड से जुड़ीं खाते की कड़ियां, क्राइम ब्रांच कर रही जांच
