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पठानकोट शहर में ठप पड़े विकास कार्यों, बदहाल सड़कों, सीवरेज की समस्या और बुनियादी सुविधाओं के अभाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने नगर निगम कार्यालय के बाहर जोरदार धरना प्रदर्शन किया। प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक अश्विनी शर्मा की अगुवाई में जुटे दर्जनों पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नगर निगम प्रशासन और पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अल्टीमेटम खत्म होने पर दोबारा सड़क पर उतरी BJP गौर करने वाली बात है कि पिछले सप्ताह भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने इन्हीं जनसमस्याओं को लेकर नगर निगम परिसर में विरोध जताया था। उस दौरान नगर निगम अधिकारियों के साथ हुई बैठक में भाजपा ने समस्याओं के त्वरित निवारण के लिए एक हफ्ते का अल्टीमेटम दिया था। भाजपा नेताओं का कहना है कि एक हफ्ता बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है और जनता को राहत देने के लिए प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिसके चलते उन्हें दोबारा प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ा। जनता के हकों की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे: अश्विनी शर्मा धरने को संबोधित करते हुए विधायक अश्विनी शर्मा ने कहा: प्रशासन की जवाबदेही तय हो: पठानकोट की जनता सीवरेज ओवरफ्लो, टूटी सड़कों और चरमराई सफाई व्यवस्था से त्रस्त है। प्रशासन को इन जनसमस्याओं के लिए जवाबदेह बनाना बेहद जरूरी है। सरकार की नाकामी: उन्होंने न केवल स्थानीय निकाय बल्कि पंजाब सरकार की नीतियों पर भी तीखा हमला बोला और कहा कि सरकार को शहर के विकास के प्रति गंभीर होना पड़ेगा। कर्मचारियों को समर्थन: इस दौरान भाजपा ने अपनी न्यायसंगत मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे पंजाब सरकार के कर्मचारियों के आंदोलन का भी खुलकर समर्थन किया। प्रशासन को फिर दिया एक हफ्ते का अल्टीमेटम प्रदर्शन के अंत में भाजपा नेताओं ने नगर निगम प्रशासन को एक बार फिर एक सप्ताह की मोहलत दी है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि वे अगले हफ्ते दोबारा नगर निगम कार्यालय का रुख करेंगे और किए गए कामों की समीक्षा करेंगे। यदि अगले सप्ताह तक शहर की समस्याओं के समाधान के लिए धरातल पर ठोस कार्रवाई शुरू नहीं हुई, तो भाजपा इस आंदोलन को और उग्र करेगी और विरोध अनवरत जारी रहेगा।
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पठानकोट नगर निगम के बाहर धरने पर बैठे अश्वनी शर्मा:पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बोले-शहर की बदहाली के लिए पंजाब सरकार जिम्मेदार, जताया विरोध
