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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने प्रोबेशन अवधि में नौकरी से हटाए गए जसपाल सिंह को राहत दी है। कोर्ट ने उन्हें सेवा समाप्ति के आदेश के खिलाफ विभाग में अपील दाखिल करने की अनुमति दी है। अदालत ने कहा कि केवल प्रोबेशन पर होने के आधार पर किसी कर्मचारी को अपील के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। जसपाल सिंह को 22 जुलाई 2026 को समाप्त कर दी गई थीं। उन्होंने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। उनके नियुक्ति पत्र में शर्त थी कि चरित्र और पुराने रिकॉर्ड की जांच में कोई शिकायत मिलने पर बिना नोटिस सेवा समाप्त की जा सकती है। विभाग ने इसी शर्त के आधार पर कार्रवाई की थी। सरकार ने कहा, सेवा नियम लागू नहीं होते राज्य सरकार की ओर से दलील दी गई कि पंजाब सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 1970 जसपाल सिंह पर लागू नहीं होते। हाईकोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने नियुक्ति पत्र की शर्त संख्या 14 का हवाला देते हुए कहा कि इसमें इन नियमों समेत संबंधित सेवा नियम लागू होने की बात स्पष्ट रूप से दर्ज है। 15 दिन में अपील, 4 महीने में फैसला
हाईकोर्ट ने कहा कि सेवा समाप्ति का आदेश कर्मचारी के भविष्य और सेवा शर्तों पर सीधा असर डालता है। ऐसे में उसे अपना पक्ष रखने और फैसले के खिलाफ अपील करने का पूरा अवसर मिलना चाहिए। कोर्ट ने जसपाल सिंह को आदेश की प्रमाणित प्रति मिलने के 15 दिन के भीतर विभाग में अपील दाखिल करने की अनुमति दी है। अपील मिलने के बाद विभागीय अधिकारी को चार महीने के भीतर मामले का गुण-दोष के आधार पर फैसला करना होगा। इस दौरान जसपाल सिंह या उनके अधिकृत प्रतिनिधि को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर भी देना होगा।
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प्रोबेशन पर नौकरी से हटाए कर्मचारी को हाईकोर्ट से राहत:जसपाल सिंह को 15 दिन में विभागीय अपील का मौका, 4 महीने में फैसला देने के निर्देश
