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सिवनी जिले के घंसौर विकासखंड में मानसून के बाद बरगी बांध के डूब क्षेत्र का खूबसूरत नजारा लोगों को आकर्षित कर रहा है। विशाल जलराशि के बीच हरी-भरी पहाड़ियों का प्रतिबिंब पानी में उतर आया है। बादलों से घिरे आसमान, शांत पानी और पहाड़ियों की हरियाली ने पूरे क्षेत्र को प्रकृति की तस्वीर जैसा बना दिया है। पानी में दिखी पहाड़ियों की परछाई बारिश के बाद घंसौर क्षेत्र की पहाड़ियां हरियाली से ढक गई हैं। वहीं बरगी बांध के बैकवाटर में पानी कई किलोमीटर तक फैला दिखाई देता है। पानी में पहाड़ियों का प्रतिबिंब और ऊपर छाए बादल इस दृश्य को और आकर्षक बना रहे हैं। गुरुवार सुबह यह नजारा देखने पहुंचे लोग प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेते नजर आए। स्थानीय लोगों के मुताबिक सुबह और शाम के समय यहां का दृश्य खास तौर पर सुंदर दिखाई देता है। यही वजह है कि स्थानीय लोग और प्रकृति प्रेमी यहां की तस्वीरें और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं। बारिश के मौसम में क्षेत्र की खूबसूरती और बढ़ जाती है। पर्यटन का नया केंद्र बन सकता है क्षेत्र सिवनी की पहचान पेंच टाइगर रिजर्व और ‘मोगली की धरती’ के रूप में है। जिले में अमोदा गढ़ सहित कई प्राकृतिक स्थल भी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। ऐसे में बरगी बांध का डूब क्षेत्र प्राकृतिक पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है। सुविधाएं बढ़ें तो रोजगार के अवसर क्षेत्र में सुरक्षित पहुंच मार्ग, व्यू प्वाइंट, बैठने की व्यवस्था, सूचना संकेतक और स्वच्छता जैसी सुविधाएं विकसित की जाएं तो पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और छोटे व्यवसाय के अवसर भी बढ़ सकते हैं। घंसौर तक फैला है बैकवाटर बरगी बांध नर्मदा नदी पर बना है और इसका बैकवाटर सिवनी के घंसौर क्षेत्र तक फैला है। बारिश के दौरान जलस्तर बढ़ने पर आसपास की पहाड़ियां और जलराशि मिलकर यहां का स्वरूप बदल देती हैं। व्यवस्थित विकास के साथ इस क्षेत्र को सिवनी के प्राकृतिक पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिल सकती है।
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बरगी बांध क्षेत्र में पानी में दिखी पहाड़ियों की परछाई:बारिश के बाद दिखा मनमोहक प्राकृतिक सौंदर्य; पर्यटन की नई संभावनाएं
