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जमशेदपुर में मंगलवार को मानगो नगर निगम की बोर्ड बैठक हंगामेदार रही। बैठक के दौरान कई पार्षदों ने मेयर सुधा गुप्ता के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कुछ पार्षदों ने “मेयर मुर्दाबाद” के नारे भी लगाए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। यह पहली बार था, जब मानगो नगर निगम की बोर्ड बैठक में क्षेत्र के सांसद बिद्युत बरन महतो और जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय भी शामिल हुए थे। बैठक में शहर के विकास, विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन और पार्षदों के क्षेत्रों में विकास कार्यों पर चर्चा हुई। विकास कार्यों में पारदर्शिता बरती जाए: पार्षद इसी दौरान कुछ पार्षदों ने मेयर पर विकास योजनाओं में कमीशनखोरी का आरोप लगाया। पार्षदों ने मांग की कि विकास कार्यों में पारदर्शिता बरती जाए और सभी वार्डों को योजनाओं का समान लाभ मिले। सांसद ने क्षेत्र के विकास कार्यों की नियमित समीक्षा पर जोर दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि विकास योजनाओं की प्रगति और समस्याओं की समीक्षा के लिए हर महीने बोर्ड की बैठक आयोजित की जानी चाहिए, ताकि क्रियान्वयन में आने वाली परेशानियों को समय पर दूर किया जा सके। किसी भी वार्ड के साथ भेदभाव न हो: सांसद सांसद ने सभी पार्षदों के क्षेत्रों को समान महत्व देने और किसी भी वार्ड के साथ भेदभाव न करने की बात भी कही। पार्षदों के बीच बढ़ते विवाद और नारेबाजी से माहौल और गरमा गया। हंगामा बढ़ने पर सांसद और विधायक सरयू राय बैठक छोड़कर बाहर चले गए। इसके बाद भी कुछ समय तक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहा। इस हंगामे ने मानगो नगर निगम के भीतर चल रहे मतभेदों को उजागर किया है। मेयर भी बैठक बीच में ही छोड़कर चली गईं। अब देखना होगा कि पार्षदों द्वारा लगाए गए आरोपों और विकास योजनाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।
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मानगो नगर निगम बोर्ड बैठक में हंगामा:मेयर सुधा गुप्ता के खिलाफ पार्षदों ने लगाए नारे, विकास योजनाओं में कमीशनखोरी का आरोप
