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रेवाड़ी में 9 साल का इंतजार हुआ खत्म::अगले सप्ताह नए भवन में लगेंगी महिला कॉलेज की कक्षाएं, आधुनिक सुविधाओं से होगा लैस




रेवाड़ी के बावल कस्बे के प्राणपुरा रोड पर नवनिर्मित सावित्री देवी पंडित मोतीलाल राजकीय महिला महाविद्यालय के नए भवन में कक्षाएं संचालित करने को लेकर लंबे समय से चली आ रही प्रक्रिया अब पूरी हो गई है। उच्च शिक्षा निदेशालय स्तर से कॉलेज को नए भवन में शिफ्ट करने की स्वीकृति मिलने के बाद अगले सप्ताह तक छात्राओं को नए भवन में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। नए भवन में कक्षाएं शुरू होने के साथ ही बावल क्षेत्र के साथ राजस्थान के गांवों की छात्राओं को फायदा मिलेगा। वर्ष 2017 में हुई थी घोषणा: राजकीय महिला महाविद्यालय बावल की स्थापना मुख्यमंत्री घोषणा 25 फरवरी 2017 को हुई थी। शैक्षणिक सत्र 2018-19 से कॉलेज में कक्षाएं शुरू की गई थीं। फिलहाल कॉलेज की कक्षाएं कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के महज पांच कमरों में संचालित हो रही हैं। सीमित जगह के कारण छात्राओं और कॉलेज स्टाफ को लंबे समय से परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। 9 साल बाद पूरी होगी पुरानी मांग:
कॉलेज भवन के निर्माण की घोषणा के बाद नए भवन के निर्माण और संचालन में करीब नौ साल का समय लग गया। जून 2026 में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा नवनिर्मित भवन का उद्घाटन किया गया था। हालांकि उद्घाटन के बाद भी छात्राओं को नए भवन में शिफ्ट करने की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार था। अब निदेशालय से स्वीकृति मिलने के बाद यह इंतजार भी समाप्त होने जा रहा है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 नए भवन में शुरू होने जा रहा है। अगले सप्ताह से भवन में स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। नए भवन में छात्राओं को पढ़ाई के साथ-साथ कई आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। आधुनिक सुविधाओं से लैस है नया भवन:
नवनिर्मित भवन में छात्राओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें मीटिंग हॉल, सेमिनार हॉल, पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब, आरओ वाटर सुविधा, फिजिक्स, केमिस्ट्री और भूगोल की लैब, कैंटीन, कॉमन रूम, खुला छायादार पार्किंग स्थल और पार्क शामिल हैं। इसके अलावा छात्राओं के लिए बास्केटबॉल, खो-खो, कबड्डी सहित अन्य खेलों की सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। इससे कॉलेज में पढ़ाई के साथ खेल और अन्य गतिविधियों के लिए भी बेहतर माहौल तैयार होगा।
बावल ही नहीं, आसपास के गांवों और राजस्थान की छात्राओं को भी फायदा:
नए भवन में कॉलेज शिफ्ट होने से बावल कस्बे के अलावा आसपास के गांवों की छात्राओं को भी उच्च शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। बावल राजस्थान की सीमा के नजदीक होने के कारण आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों से भी छात्राएं यहां शिक्षा प्राप्त करने के लिए आ सकती हैं। ऐसे में यह कॉलेज क्षेत्र में महिला उच्च शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है। छात्राओं को मिलेंगी बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं:
प्राचार्य नरेश कुमार यादव ने कहा कि नए भवन में स्थानांतरण के बाद छात्राओं को पहले की तुलना में कहीं बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा। पर्याप्त कक्षों के साथ प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब, सेमिनार हॉल और खेल सुविधाएं उपलब्ध होने से कॉलेज की गतिविधियों का भी विस्तार होगा।



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